डीएलडब्लयू में बने इलेक्ट्रिक रेल इंजन को रेल राज्य मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

वाराणसी। वाराणसी के डीजल रेल इंजन कारखाने में रेल राज्‍यमंत्री मनोज सिन्‍हा ने शुक्रवार को आकर्षक रंग संयोजन एवं पुष्‍पों से सुसज्जित 6000 अश्व शक्ति के विद्युत रेल इंजन ‘डब्‍ल्‍यूएपी-7’ को विधिवत पूजन के उपरांत झंडी दिखाकर लोकार्पित किया।

इसके पूर्व उन्‍होंने महाप्रबंधक  रश्मि गोयल एवं अन्‍य प्रमुख अधिकारियों के साथ उक्‍त रेल इंजन के ड्राइवर कैब का निरीक्षण किया। रेल इंजन के निरीक्षण के दौरान रेल राज्यमंत्री ने महाप्रबंधक रश्मि गोयल और प्रमुख मुख्‍य यांत्रिक इंजीनियर  सुनीत शर्मा से ‘डब्‍ल्‍यूएपी-7’ रेल इंजन से संबंधित महत्‍वपूर्ण तकनीकी जानकारियां प्राप्‍त की। इस अवसर पर रेल राज्यमंत्री ने डीरेका सभागार में महाप्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

कार्य निष्‍पादन पर संतोष जनक पाये जाने पर रेल राज्‍यमंत्री ने कहा कि उत्‍पादन एवं प्रौद्योगिकी कुशलता में अग्रणी डीरेका ने ग्राहकों की परिवर्तनशील मांगों के अनुरूप अपनी क्षमता को प्रदर्शित किया है और प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के विकास में अमूल्‍य योगदान दे रहा है। उन्होंने डीरेका के विस्‍तारीकरण परियोजना की प्रगति और डीरेका में निर्माणाधीन डुअल मोड रेल इंजन के विकास एवं निर्माण की प्रगति पर भी संतोष व्‍यक्‍त किया।

इस दौरान रेल राज्‍य मंत्री का स्‍वागत करते हुए महाप्रबंधक रश्मि गोयल ने रेल इंजन उत्‍पादन और गतिविधियों के साथ ही साथ भविष्‍य की संभावनाओं पर अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए रेल इंजन के विकास कार्य के बारे में उपस्थित अतिथियों का अवगत कराया। समारोह में डीरेका के सभी विभागाध्‍यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी परिषद के सदस्‍यगण व बड़ी कर्मचारी  संख्‍या में उपस्थित रहे।

कोहरे के कारण देरी से ट्रेन चलने के बारे में मीडिया से बात करते हुये रेल राज्यमंत्री  मनोज सिन्हा ने कहा कि फॉग सेव डिवाइस कुछ लोको में लगाए गए हैं , लेकिन वैज्ञानिक रूप से अभी तक कोहरे में लोको को चलाने के लिए कोई डिवाइस नहीं है | कोहरे में चलाने के लिए एक कैमरा आया है , जिसकी कीमत बहुत ज्यादा , 40 लाख रुपए है, अभी वह टेस्टिंग में है। हमने कंपनी से उसका रेट कम करने के लिए कहा है, जिससे रेलवे कैमरे को खरीद सके।

यात्रियों की नाराजगी और रेलवे के प्रति विश्वास खोने के प्रश्न पर कहा कि यह कोई नया काम नहीं हो रहा है , कोहरे में पहले भी ट्रेन लेट होती थी और आज भी हो रही है | कोहरे को कम करने के साथ ही ऐसे मौसम में ट्रेन की गति देने के लिए शिक्षण संस्थाओं में शोध का कार्य किया जा रहा है । हमें लगता है कि यात्रियों की दिनों दिन बढ़ती संख्या इसका प्रमाण है कि लोगों का रेलवे पर विश्‍वास बढ़ा है|

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