पत्रकार अनूप सोनू के देवीगीत ने मचाई धूम, छठ पर आयेगा नया एल्‍बम

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: पत्रकारिता के साथ गायन का भी रखते हैं शौक : कहा- भोजपुरी की सेवा करना सौभाग्‍य : पटना : पत्रकारिता की व्‍यस्‍त जिंदगी में अपनी दूसरे शौक के लिये बहुत कम या फिर कहें तो गिने-चुने पत्रकार ही टाइम निकाल पाते हैं। पत्रकारिता के अनिश्‍चित करियर के बीच अपने शौक को जिंदा रखना आसान नहीं है, लेकिन अनूप सोनू ने ऐसा कर दिखाया है। दो दशक से बिहार की पत्रकारिता में अपने नाम का डंका बजाने वाले अनूप सोनू एक देवी गीत “माई दुलारी हमार” के जरिये भोजपुरी गायन के क्षेत्र में भी दस्‍तक दी है।

पत्रकारिता से इतर अनूप सोनू अचानक बिहार के भोजपुरी इलाकों में सुर्खिंयों में आ गये हैं। नवरात्र में उनका गाया देवी गीत गांव-गांव बज रहा हैं। उनके पहले प्रयास को अपेक्षा से ज्‍यादा सराहा जा रहा है। दअरसल, भोजपुरी इलाका आरा के रहने वाले अनूप सोनू ने अपने करियर की शुरुआत ईटीवी से की थी। कई चैनलों-अखबारों में काम करने के बाद फिलहाल बिहार के एक चैनल को लीड कर रहे हैं।

अनूप को रंगमंच से भी प्रेम रहा है। इसी ने उन्‍हें संगीत का दीवाना भी बनाया। पत्रकारिता के व्‍यस्‍तता एवं दबाव में रंगमंच से उनकी दूरी बढ़ती चली गई। गायकी भी रंगमंच से शिफ्ट होकर पारिवारिक समारोह और बाथरूम तक सिमट गई। परंतु पत्‍नी मेधा को अनूप का गायन से दूराव पसंद नहीं आया। उन्‍होंने अनूप की इस छिपी प्रतिभा को सबके सामने लाना का बीड़ा उठाया और सोनू को भी मोटिवेट करना शुरू किया।

पत्‍नी का साथ पाकर अनूप में भी विश्‍वास जगा और वह गायन के प्रति अपनी दीवानगी को जिंदा रखने को तैयार हो गये। पत्‍नी के विश्‍वास और अपने गायन के सहारे सोनू अपना पहला गाना ‘माई दुलारी हमार’ के जरिये अब सबसे सामने हैं। वेव कंपनी ने उनके गाना को रिलीज किया है। इस देवी गीत को मिले रिस्‍पांस के बाद अब अनूप गायक के रूप में अपना अगला एलबम छठ के गीत पर लेकर आ रहे हैं।

अनूप मानते हैं कि उनके पास सिर्फ दो ही चीज थी धैर्य और कड़ी मेहनत, जिस पर वह आज भी भरोसा करते हैं। उनका कहना है कि मैंने पत्रकार के रूप में समाज की सेवा कर रहा हूं और गायक के रूप में अपनी मातृभाषा भोजपुरी की। बहुत साल से भोजपुरी के लिये कुछ करना चाहता था, माता ने अब मौका दिया तो इसकी भरपूर सेवा करूंगा।