राबिन ने बागपत जेल में पहुंचवाई थी पिस्‍टल, पहले से थी बजरंगी को निपटाने की तैयारी!

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hatya

: पहले से थी मुन्‍ना की हत्‍या की तैयारी : लखनऊ : उत्‍तर प्रदेश की जरायम की दुनिया को हिला देने वाले बागपत जेल मर्डरकांड की जांच ज्‍यों-ज्‍यों आगे बढ़ रही है चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जेल के अंदर माफिया डान मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या पूरी प्‍लानिंग के साथ की गई थी।  इसकी सुपारी सोच समझकर सुनील राठी को दी गई थी, जिसका बागपत जेल में सिक्‍का चलता था। इसके लिए सारी तैयारियां मुन्‍ना के बागपत पहुंचने के कई दिन पहले से शुरू कर दी गई थीं।

वेस्‍ट उत्‍तर प्रदेश के कुख्‍यात अपराधी सुनील राठी तक पिस्‍टल उसके खास शूटर रॉबिन ने पहुंचाए थे। इस काम में जेल के भी कुछ कर्मचारियों ने भी मदद की, जिनकी पहचान पुख्‍ता किए जाने की कोशिश हो रही है। राबिन फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस राबिन की तलाश में जुटी हुई है। राबिन के हाथ लगते ही मुन्‍ना बजरंगी हत्‍याकांड में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

पुलिस की अब तक की पड़ताल में जानकारी मिली है कि बागपत जेल में काफी पहले से मुन्ना बजरंगी को निपटाने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए सुनील राठी और उसके गुर्गों ने इसकी पूरी योजना तैयार कर ली थी। इंतजाम भी पूरे किए जा चुके थे। लगभग एक महीने पहले जेल में मुलाकात के दौरान राठी ने इसकी जानकारी अपने शूटर राबिन तक पहुंचवाई थी। इसके बाद ही राबिन ने जेल में असलहे पहुंचाने का इंतजाम किया।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि रॉबिन ही वो कड़ी है, जिसके पकड़े जाने के बाद सारी कडि़यां एक दूसरे से जुड़ जाएंगी। पुलिस अभी इस पर पुख्‍ता कुछ नहीं कह पा रही है कि जेल के भीतर हत्‍या में प्रयुक्‍त हुई पिस्‍टल दाखिल कैसे कराई गई। पुलिस को शक है कि कुछ जेल कर्मियों ने इसमें मदद की है। राबिन अभी फरार है और पुलिस उसका सुराग लगाने में जुटी हुई है। राबिन के अरेस्‍ट होते ही कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

पुलिस का कहना है कि‍ जेल में असलहा अंदर कैसे पहुंचा इसकी जांच की जा रही है। छपरौली के रहने वाले राबिन को सुनील राठी का खास माना जाता है। राबिन इसके पहले भी जेल में बंद सुनील के लिए कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। रुड़की जेल के बाहर हुई गैंगवार तथा राठी के शूटर अमित उर्फ भूरा के फरारी में भी राबिन का नाम आ चुका है। भूरा और राबिन पुलिस का एक 47 लूटकर भाग निकले थे।

पुलिस अब इस मामले की तह तक पहुंचने में जुट गई है कि कैसे सुनील राठी ने मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या करने के बाद पिस्‍टल जेल के भीतर के दो गेट पार करके गटर में फेंक दी। जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या तन्हाई बैरक के सामने की गई, जहां से हाते के गटर की दूरी 200 मीटर के आसपास है। इन गेटों पर बंदी रक्षकों की तैनाती रहती है। ऐसे में सवाल उठता है कि सुनील ने पिस्‍टल और कारतूस वहां तक पहुंचाएं कैसे? सुनील का सहयोग किसने किया?

पुलिस को गटर से पिस्‍टल के साथ दो खाली मैगजीन तथा 22 जिंदा कारतूस मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि एक से अधिक हथियार का प्रयोग इस हत्‍या कांड में किया गया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। पुलिस हत्‍या में इस्‍तेमाल किए गए पिस्‍टल की बै‍लेस्टिक एवं फोरेंसिक जांच कराएगी ताकि पता लगाया जा सके कि इस पिस्‍टल का इस्‍तेमाल हत्‍या में किया गया है अथवा नहीं? पुलिस उन लोगों की कुंडली भी खंगाल रही है, जिनसे पिछले कुछ दिनों में सुनील राठी की जेल में मुलाकात हुई है।

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