राज्यपाल ने जनपद लखनऊ में चल रही प्रमुख योजनाओं की जानकारी ली

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन में आयोजित एक बैठक में जनपद लखनऊ में चल रही शासकीय योजनाओं से सम्बन्धित जानकारी ली। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री हेमन्त राव, विशेष सचिव डा0 अशोक चन्द्र, जिलाधिकारी श्री कौशल राज शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी श्री मनीष बंसल, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 नरेन्द्र अग्रवाल सहित योजनाओं से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित थे।

राज्यपाल कोे जिलाधिकारी लखनऊ श्री कौशल राज शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सहित अन्य प्रधानमंत्री आवास योजनाओं, स्वच्छ भारत मिशन शहरी, साॅलिड बेस्ड मैनेजमेंट प्रणाली लखनऊ स्मार्ट सिटी की महत्वपूर्ण परियोजनाएं, इन्टीग्रेटेड टैªफिक मैनेजमेंट सिस्टम, अमृत एवं नमामि गंगे कार्यक्रम, दीन दयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, बाल सुपोषण और बाल विकास, कुपोषण की स्थिति तथा पोषण पुनर्वास केन्द्र, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, राष्ट्रीय वृृद्धावस्था पेंशन योजना, पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन, निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए अनुदान, कुष्ठावस्था पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एवं कन्या सुमंगल योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जनपद लखनऊ में शैक्षिक परिदृश्य बेसिक शिक्षा-ड्राप आउट, लखनऊ रिंग रोड व निर्माणाधीन मुख्य सेतुओं की जानकारी दी।

राज्यपाल ने सुझाव दिया कि निमार्ण कार्य को ‘डेडलाइन‘ तय करके करें तथा वित्तीय रिपोर्ट के साथ-साथ भौतिक सत्यापन के लिये रिपोर्ट तैयार करें। अन्य राज्यों में हो रहे अच्छे कार्यों की जानकारी लेकर अपने प्रदेश में लागू करने का प्रयास करें। प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत ऋण लेने वालों के प्रकरण लम्बित न रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत निर्मित शौचालयों में पानी की उचित और निरन्तर व्यवस्था होनी चाहिए तथा बीच-बीच में जनता से बराबर ‘फीडबैक’ लेते रहें ताकि उसका सही प्रयोग हो सके। उन्होंने कहा कि लखनऊ प्रतिष्ठित एवं बड़ा शहर है, इस दृष्टि से उसे स्वच्छता अभियान में ऊपर लाने का प्रयास किया जाये।

राज्यपाल ने आयुष्मान भारत के अन्तर्गत आने वाले पात्र व्यक्तियों को जोड़ने की बात कही। योजना के अन्तर्गत आने वाले सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ आउट सोर्सिंग एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को लाभ मिले। अस्पतालों का समय-समय पर निरक्षण करें तथा शिकायत प्राप्त होने पर उन पर कड़ी कार्यवाही भी की जाये। शैक्षिक-सत्र समय से शुरू करें जिससे बाद में आने वाला बच्चा पढ़ाई में न पिछड़े। स्कूलों में ‘ड्राप आउट’ को रोकने के लिए स्पष्ट नीति बनायें तथा नियमित जांच के माध्यम से कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराकर कुपोषण की कमी को दूर करने के प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वयं सहायता समूह से जोडं़े जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ऋण देने वाली संस्थाएं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को केवल लोन न बांटे बल्कि उनकी सफलता को ‘सक्सेज स्टोरी’ के रूप में जनता तक पहुंचाये जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हों। रिंग रोड निर्माण के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि रिंग रोड के आस-पास झोपड़ पट्टियों को न स्थापित होने दिया जाये क्योंकि इससे सड़क दुर्घटना की सम्भावनाएं बढ़ जाती हैं। सड़क के किनारे वृक्षारोपण को लेकर उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे वृ़क्षारोपण ऐसे कराया जाये जिसमें भविष्य में सड़क चैड़ीकरण की सम्भावना रहे तथा चैड़ीकरण के समय हरे पेड़ काटने की नौबत न आये।

इसके पश्चात राज्यपाल ने श्री ओम प्रकाश पाठक चेयरमैन, इण्डियन रेड क्रास सोसायटी लखनऊ, श्री मनोज कुमार गोयल, रोटरी क्लब, श्री मनीष गोयल, इण्डियन इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन, अन्य स्वयं सहायता समूहों व स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं के सदस्यों से भेंट करके टी0वी0 से ग्रस्त बच्चों को गोद लेने तथा महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने तथा उनके उत्पाद को उपभोगता तक पहुंचाने के लिये विचार-विमर्श किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किये गये उनके उत्पाद भी देखे।