कोरोना काल में सेवायोजन विभाग ने प्रवासी श्रमिकों के लिए बनाई हेल्प डेस्क

प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर दिलाने में सेवायोजना विभाग ने बड़े कदम उठाए। कॅरियर काउन्सिलिंग कर उनको नई दिशा दी। बाजार में रोजगार के अवसरों की जानकारी देने के साथ रोजगारपरक और प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों से जोड़ने का काम किया। साढ़े 4 साल में विभाग ने 9929 कॅरियर काउन्सिलिंग कार्यकमों के जरिए 1115513 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त करने की राह दिखाई।

युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार ने 19 मार्च 2017 से प्रदेश के सेवायोजन कार्यालयों में कॅरियर काउन्सिलिंग कार्यक्रम की शुरुआत की। युवाओं को रोजगार बाजार में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई। उनको रोजगारपरक एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश दिलाया गया। योजना का लाभ लेने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुले और उनको आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली। 31 अगस्त 2021 तक चले इन कार्यक्रमों से 1115513 से अधिक युवा लाभान्वित हुए। यही नहीं कोरोना काल में सरकार ने 18 जून 2020 के बाद दूसरे प्रदेशों से आए प्रवासी श्रमिकों की कॅरियर काउन्सिलिंग के लिए भी हेल्प डेस्क स्थापित की। हेल्‍पडेस्‍क के माध्‍यम से प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। उनको सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग किया गया। साथ में रोजगार के अवसर एवं श्रमिकों को दी जाने वाले विभिन्न लाभों से परिचित कराया गया।

सरकार ने इस दौरान प्रवासी कामगारों और श्रमिकों की स्किल मैपिंग का कार्य किया। पिछले वित्तीय वर्ष से लेकर 10 सितम्बर 2021 तक विभिन्न विभागों में 10,45,755 श्रमिकों को रोजगार मिला। जिसको सेवायोजन पोर्टल sewayojan.up.nic.in पर भी अंकित गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार लगातार प्रदेश के युवाओं को मिशन रोजगार योजना से जोड़कर और रोजगार मेलों का आयोजन कर रोजगार के अवसर दिलाने में भी मदद कर रही है।