‘घोषणा वाड्रा’ की घोषणाएं हैं चुनावी शिगूफा: सुरेश खन्ना

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर तंज कसते हुए कहा कि ‘घोषणा वाड्रा’ की घोषणाएं चुनावी शिगूफा हैं। कांग्रेस ने 70 सालों में न कभी किया और न अब करेगी। काठ की हांड़ी बार-बार नहीं चढ़ती। जनता एक बार नहीं, कई बार देख चुकी है। देश और प्रदेश की दुर्दशा के लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है।
यह बातें उन्होंने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो घोषणाएं कर रही है, उसे उन घोषणाओं को पहले राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में लागू करना चाहिए था, लेकिन इन घोषणाओं की हकीकत कांग्रेसी भी जानते हैं कि धरातल पर इन्हें लागू नहीं किया जा सकता, न नौ मन तेल होगा और न राधा नाचेगी। इसलिए ऐसी घोषणाएं जान बूझकर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की सच्चाई जनता को भी पता है कि योगी सरकार में गुंडे, माफिया और बदमाशों की क्या स्थिति है? प्रियंका को यह सब नहीं दिखेगा। राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में कानून व्यवस्था की स्थिति काफी बदतर है, लेकिन एक शब्द भाई बहन के मुंह से नहीं निकलता।

कांग्रेस ने समय रहते सही कदम उठाया होता, तो आज घोषणाओं की जरूरत नहीं पड़ती
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए अगर कांग्रेस ने समय रहते सही कदम उठाया होता, तो उसे आज घोषणाएं करनी की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन कांग्रेस ने कभी चाहा ही नहीं कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत हों। अब केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को आर्थिक रूप से और मजबूत करने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, तो कांग्रेस उसमें भी राजनीति कर रही है।

अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं: खन्ना
खन्ना ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार महिलाओं का सशक्तीकरण किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं, इसके सैकड़ों उदाहरण हैं। दर्जन भर से ज्यादा योजनाएं प्रदेश में महिलाओं के लिए चल रही हैं, जो उनको शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सशक्त बना रही हैं।

निषादों को सम्मान और सुरक्षा के साथ स्वावलंबी बना रही योगी सरकार
उन्होंने कहा कि निषादों को सम्मान और सुरक्षा के साथ स्वावलंबी योगी सरकार बना रही है। वनगमन के दौरान भगवान श्रीराम ने जिस निषाद राज को गले लगाकर सबसे पहले सामाजिक समरसता का संदेश दिया था, उस परंपरा को और आगे बढ़ाते हुए हम उसे सामाजिक समरसता का प्रतीक बना रहे हैं। प्रयागराज में निषादराज पार्क भी बनाया जा रहा है। इसमें भगवान श्रीराम और निषादराज की 15 फ़ीट ऊंची प्रतिमा भी लगाई जा रही है।