रालोद की वादों की खेती को नहीं मिलेगा समर्थन का खाद-पानी

भारतीय जनता पार्टी की सरकार वादे नहीं संकल्प करती है और संकल्पों को पूरा करने के लिए ईमानदारी और पूरी पारदर्शिता से जी जान लगा देती है। किसानों से एमएसपी पर खाद्यान्न का रिकॉर्ड क्रय और बिना किसी मकड़जाल में फंसे उनके खातों में त्वरित भुगतान इसका प्रमाण है। गन्ना किसानों के हित में तो यूपी की योगी सरकार ने तो कीर्तिमान ही रच दिया है। 1.5 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान का मामला हो या फिर गन्ना मूल्य बढ़ोतरी का निर्णय, सरकार ने अन्नदाता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय लोकदल के नेता को वादों की खेती करने से पहले यूपी में खेती-किसानी के क्षेत्र में भाजपा सरकार की उपलब्धियों को भी जान लेना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि भाजपा के पूरे संकल्पों को अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल कर वह हंसी के पात्र न बन जाएं। उनके वादों की खेती को जनता से समर्थन का खाद पानी नहीं मिलने वाला।

यह बातें प्रदेश सरकार के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कही हैं। श्री राणा रविवार को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी द्वारा जारी 22 सूत्रीय चुनावी घोषणा पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों के हित में तमाम अभूतपूर्व निर्णय लेकर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सपनों को पूरा किया है। उन्होंने जयंत चौधरी को याद दिलाते हुए कहा कि कोरोनाकाल में प्रदेश की एक भी चीनी मिल बंद नहीं हुई, निर्बाध चलती रही। क्या इतने बड़े संकट में उन दलों के शासन में संभव था जिनकी पहचान ही चीनी मिलों को बंद करने या बेचने की रही है। इसका जवाब जयंत चौधरी के पास नहीं होगा क्योंकि वह खुद ऐसे ही दलों की शागिर्दी करते हैं। और हां, आलू उत्पादक किसानों की पहली बार भी सुधि योगी सरकार ने ही ली। किसानों का नाम लेकर चुनावी खेती करने जा रहे रालोद नेता को यह भी जान लेना चाहिए कि यूपी की यह वही सरकार है जिसने पहली ही कैबिनेट बैठक का पहला निर्णय ही किसानों की कर्जमाफी का लिया था।

श्री राणा ने कहा कि किसानों के हित और किसानों से जुड़ी योजनाओं में पहले जहां यूपी की गिनती ही नहीं होती थी, वहीं योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में साढ़े चार साल में यूपी ऐसी सभी योजनाओं में देश में नम्बर वन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण जैसी अनेकानेक योजनाओं से जुड़ी उपलब्धियों को भी रालोद नेता को जरूर पढ़ लेना चाहिए।