104 वीं जयंती पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक स्थल पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 104 वीं जयंती पर कार्यक्रम  का आयोजन:                      चंदौली : एकात्म मानववाद और अंत्योदय विचारधारा के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 104 वीं जयंती के अवसर पर बीजेपी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पड़ाव स्थित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक स्थल परिसर में शुक्रवार पूर्वाह्न आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं ने पंडित जी के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

हालांकि इस कार्यक्रम का आगाज गुरूवार की सायं ही हो गया था। जब बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जयंती की पूर्व संध्या पर 104 दीपक जलाकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को नमन किया था।शुक्रवार प्रातः कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम 104 पौधों के रोपण से हुआ।

तत्पश्चात बीजेपी के चन्दौली जिलाध्यक्ष अभिमन्यू सिंह,वाराणसी जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा व वाराणसी महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया।

सम्पूर्ण कार्यक्रम को तीन सत्रों में विभाजित किया गया था। प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंतिम सीढ़ी पर खड़े व्यक्ति का उत्थान ही पंडित जी का उद्देश्य था। वह कभी भी धर्म के विपरीत भारत के विकास के पक्षधर नहीं थे।

पंडित जी भारत का निर्माण चाहते थे लेकिन उनका विचार था कि भारत का पुनर्निर्माण हो।वह प्रकृति से भी प्रेम करते थे। उनका कहना था कि प्रकृति और मानव दोनों एक दूसरे के सहायक हैं।

इसलिए वह हमेशा प्रकृति के संवर्धन के पक्षधर रहे। उन्होंने कहा कि पंडित जी के विचारों को आत्मसात करने से ही देश और समाज का भला होगा।

इसी प्रकार दूसरे सत्र के पूर्व अंकित जायसवाल ने गण गीत गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात बीजेपी के सह प्रदेश प्रभारी सुनील ओझा ने लोगों को संबोधित किया।

उन्होंने जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 104 वीं जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किया सर्वप्रथम जनसंघ के प्रथम चुनाव चिन्ह दीपक का स्मरण करते हुये जयंती की पूर्व संध्या पर 104 दीप जलाया।

वहीं शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बीजेपी के चुनाव चिन्ह कमल के प्रतीकस्वरूप 104 पौधों का रोपण किया गया।

उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित जी कुशल संघटक,कुशल राजपुरुष,महान दार्शनिक,पत्रकार,विचारक राजनेता थे। उन्होंने अपने पूर्ण समर्पण,कोष बुद्धिमता,दृढ़ संकल्प,अप्रतिम संघटनात्मक क्षमताओं एवं अपने उत्कृष्ट लेखन के माध्यम से अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया।

उनके प्रथम पुस्तक चन्द्रगुप्त के बाबत भी लोगों को जानकारी दी। कहा कि पंडित जी पाश्चात्य जीवनशैली को भारत के लिए ठीक नहीं मानते थे।संबोधन की समाप्ति के बाद सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विशालकाय प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया।

इसके बाद अंतिम और तृतीय सत्र में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं संग पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को टीवी स्क्रीन पर देखा और सुना। तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम के उद्घोष के साथ किया गया।

कार्यक्रम में कैंट विधायक सौरभ चंद्र श्रीवास्तव,चन्दौली जिलाध्यक्ष अभिमन्यू सिंह,सैयदराजा विधायक सुशील सिंह,मुगलसराय सराय विधायक साधना सिंह,जिला उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह,पिंडरा विधायक अवधेश सिंह,विधान परिषद सदस्य अशोक धवन, प्रदेश के पर्यटन व धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी,

स्टैम्प और पंजीयन राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल, रोहनिया विधायक सुरेंद्र सिंह, प्रदेश मंत्री व सदस्य राज्य महिला आयोग बीना चौबे,ओबीसी आयोग सदस्य शिवशंकर पटेल,जिला मंत्री चन्दौली किरण शर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय मंत्री अशोक चौरसिया ने किया।