2 साल के अफ्फान के लिए ‘मसीहा’ बने सीएम योगी

बिजनौर निवासी 2 साल के अफ्फान के पिता की चंद महीने पहले कोरोना से मौत हो गई। पिता का साया सिर से उठते ही बुनियादी जरूरतें पहाड़ बन कर आ पड़ी। मुसीबत में जब अपनों ने साथ छोड़ना शुरू किया, तो मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ परिवार का सहारा बने। मुख्‍यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत उन्‍होंने 12 हजार रुपए की सहायता परिवार को मुहैया कराई ताकि परिवार के पालन पोषण में कोई परेशानी न हो।

एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी की नजर अफ्फान व उनकी मां पर पड़ी थी। जानकारी करने के बाद सीएम ने परिवार को तुरंत हर संभव मदद दिलाने के निर्देश दिए। अफ्फान के चाचा मोहम्मद तजम्मुल ने बताया कि पिता की मौत के बाद 2 साल के अफ्फान के पालन पोषण में परेशानी हो रही थी। यहां तक कि बच्‍चे को दो वक्‍त का दूध तक नहीं मिल पा रहा था। परिवार के पास खाने-पीने का सामान, दवाई व जरूरत की चीजें तक नहीं थीं। उस समय सीएम योगी आदित्‍यनाथ एक मसीहा की तरह उनकी मदद को आगे आए। बाल सेवा योजना के तहत उनको हर महीने 4 हजार रुपए की राशि मिल रही है।

उन्‍होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से अफ्फान के परिवार को हर जरूरत के सामान के साथ मेडिकल कवर की सुविधा भी उपलब्‍ध कराई गई है। उन्‍होंने कहा कि योगी सरकार कोरोना काल में अनाथ हुए बच्‍चों की अभिभावक बनी हैं। हमारे जैसे तमाम लोगों की मुसीबत में मदद कर रही है।

यह है बाल सेवा योजना

कोविड के कारण अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक दोनों को खोने वाले बच्चों की परवरिश और शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत बच्चे के अभिभावक या केयरटेकर को उसके वयस्क होने तक 4,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। जिन बच्‍चों के पास उनकी देखभाल के लिए कोई नहीं है, उन्हें बाल संरक्षण गृह भेजा जाएगा। जहां उनकी देखभाल होगी।