दो अप्रैल से शुरू होगी सरसों, चना और मसूर की खरीद

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  • आलू के भंडारण और निकासी में नहीं आएगी कोई समस्या
  • किसानों के दावों का शीघ्र निस्तारण करें बीमा कंपनियां

लखनऊ। शनिवार को दूसरे दिन भी योगी सरकार ने किसानों के राहत के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार ने घोषणा की है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद तय समय पर शुरू होगी। इस क्रम में सरसों, चना और मसूर की खरीद दो अप्रैल से शुरू होगी। खरीद के लिए सभी जरूरी बंदोबस्त किये जा रहे हैं। मालूम हो कि सरकार एमएसपी पर क्रमश: 2.64 लाख मीट्रिक टन सरसों, 2.01 लाख मीट्रिक टन चना और 1.21 लाख मीट्रिक टन मसूर किसानों से खरीदेगी। ये खरीद 90 दिन तक होगी।

रबी के मौजूदा सीजन में फरवरी-मार्च का मौसम बेहद अप्रत्याशित रहा। भारी बारिश और ओला पड़ने से कई जगह किसानों की फसलों को क्षति पहुंची है। सरकार की मंशा है कि जिन किसानों की फसलों को क्षति पहुंची है उनको तय समय में अनिवार्य रूप से बीमित रकम मिले। इसके लिए सरकार ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे सर्वे कराकर तय समय में किसानों को उनकी क्षति की भरपाई करें। सभी जिलों के डीएम को यह निर्देश दिया गया है कि वह सर्वे के इस कार्य के लिए बीमा कंपनी के साथ कृषि और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को पास जारी कर दें। अब तक करीब 90 हजार किसानों के आवेदन बीमा कंपनियों के पास आ चुके हैं।

आलू भंडारण में नहीं होगी समस्‍या : आलू रबी की प्रमुख फसलों में से एक है। इस साल बेमौसम की बारिश से इसे भी खासी क्षति पहुंची है। कुछ फसल की खुदाई हुई है बाकी अभी खेत में है। लॉकडाउन के कारण कोल्डस्टोरेज तक आलू पहुंचने को लेकर असमंजस के कारण किसान खुदाई भी नहीं करवा रहे थे। आज सरकार ने किसानों के इस असमंजस को भी दूर कर दिया। उद्यान विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सभी कोल्डस्टोरेज को सेनिटाइज कर संचालित करने की प्रक्रिया जारी है। आलू के भंडारण और निकासी में कोई समस्या नहीं आने पाएगी। इस काम में लगने वाले श्रमिकों को काम करने की अनुमति दिये जाने के बारे में सभी डीएम को निर्देश दिये जा चुके हैं।