दीपोत्‍सव पर अयोध्‍या में जलाए जाएंगे 9 लाख दीये, अयोध्‍या के कारीगरों ने किए हैं तैयार

प्रधानमंत्री व मुख्‍यमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र में 9 लाख गरीब परिवार को घर दिए जा चुके है। इस दिवाली पर उन परिवारों के गृह प्रवेश की खुशी पर अयोध्‍या में होने वाले दीपोत्‍सव पर 9 लाख मिट्टी के दीये जलाएं जाएंगे। यह दीयें अयोध्‍या के प्रजापति समाज द्वारा ही बनाए गए है। साथ ही सरकार की ओर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में दिए गए 42 लाख आवासों में भी एक-एक मिट्टी का दीया जलाया जाएगा। यह बात मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने भाजपा पिछड़ा वर्ग के समाजिक प्रतिनिधि सम्‍मेलन को सम्‍बोधित करते हुए कहीं। उन्‍होंने कहा कि इस बार दिवाली में विदेश से आई लक्ष्‍मी गणेश की मूर्ति की नहीं बल्कि अपने मिट्टी से जुड़े कारीगरों की बनाई मूर्ति से पूजा होना चाहिए। इस अभियान के साथ हम सबको जुड़ना होगा।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि 2014 में पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दिया था। लेकिन पिछली सरकारें सबका साथ अपना विकास के नारे पर काम कर रही थी। पिछली सरकारें साथ सबका चाहती थी लेकिन विकास अपना करती थी। सीएम ने कहा कि पर्व और त्‍योंहार में जब कमाई का समय आता था तो प्रदेश को दंगों की आग में झोंक दिया जाता था। इससे प्रदेश पिछड़ता चला गया। मिटटी के कारीगरों का कारोबार चौपट हो गए। आज सरकार दबे कुचले लोगों की आवाज को एक आवाज दे रही है, उनको आगे बढ़ाने का काम कर रही है। माटीकला बोर्ड के माध्‍यम से इस उद्योग से जुड़े लोगों के चेहरे पर खुशी है।

माटीकला बोर्ड के जरिए मिट्टी के कारीगरों को दी नई पहचान

सीएम ने कहा कि पहले प्रजापति समुदाय के लोगों के बनाए मिटटी के बर्तन बिकते नहीं थे। 2017 में हमारी सरकार आने के बाद जानलेवा प्‍लास्टिक पर बैन लगाया। मिट्टी से जुड़े कारीगरों को पहचान देने के लिए माटीकला बोर्ड का गठन किया। कारीगरों को बर्तन बनाने के लिए नि:शुल्‍क इलेक्ट्रिक चॉक वितरित की। इससे जो कारीगर पहले 70 बर्तन बनाता था, वह 400 बर्तन तैयार कर रहा है। माटीकला बोर्ड की ओर से आयोजित प्रदर्शनियों के जरिए उनके व्‍यापार को बढ़ावा दिया गया। सरकार की योजना प्रजापति समुदाय और मिट्टी से जुड़े कारीगरों के लिए स्‍वावलंबन का आधार बनी। माटीकला बोर्ड से सिर्फ एक समुदाय नहीं बल्कि पूरा समाज जुड़ा हुआ है। यही जीवन चक्र है। इसे अर्थव्‍यवस्‍था भी जुड़ी है। प्रजापति समाज ने अपनी मिट्टी से जुड़कर आस्‍था के साथ अर्थव्‍यवस्‍था को बेतहर बनाने का काम किया है।

इस बार चीन के लक्ष्‍मी गणेश नहीं

सीएम योगी ने कहा कि दीपावली पर चीन में बनी लक्ष्‍मी गणेश की मूर्तियां बाजार में छा जाती थी। उन्‍होंने कहा चीन एक नास्तिक देश है। वह भगवान की मूर्तियों को सही आकार नहीं दे पाता हैं। वह मूर्तियों के जरिए सिर्फ कमाई करता है। माटीकला बोर्ड के गठन के बाद अब प्रदेश में भी लक्ष्‍मी गणेश की आर्कषक मूर्तियां बन रही है। अपनी मिटटी से बनी मूर्तियों में साक्षात लक्ष्‍मी गणेश का वास नजर आता है। सीएम ने कहा कि अपने कारीगरों व मिट्टी से तैयार लक्ष्‍मी गणेश से पूजा करेंगे तो लक्ष्‍मी आपके घर वास करेंगी।

सीएम ने कहा कि माटीकला बोर्ड के जरिए ट्रेनिंग हासिल कर प्रजापति समाज आज आर्कषक दीये व बर्तन बना रहा है। उन्‍होंने अपनी रचनात्‍मकता को समाज के सामने प्रस्‍तुत किया है। नए डिजाइन के दीये बाजार में लाए हैं। सीएम ने कहा कि 2017 से मिट्टी के बर्तनों का कारोबार खत्‍म होने की कगार पर था। 2017 में जब अयोध्‍या में दीपोत्‍सव आयोजित हुआ तो उस समय 50 हजार मिट्टी के दीये नहीं मिल पा रहे थे। इस बार अयोध्‍या में प्रजापति समुदाय के तैयार किए हुए 9 लाख दीये अयोध्‍या में जलाए जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि माटी कला बोर्ड के माध्‍यम से कारीगरों को आत्‍मनिर्भर बनाने का काम किया गया है। 40 हजार शिल्‍पकारों 5261 इलेक्ट्रिक चॉक दिए गए। पिछली सरकारों में कारीगरों को तालाबों से मिट्टी नहीं मिल पाती थी। सरकारों ने तालाबों को बेच‍ दिया था। हमारी सरकार ने 35 हजार कारीगरों को नि:शुल्‍क मिट्टी के पटटे दिए हैं। कारीगरों को अप्रैल से जून तक नि:शुल्‍क मिट्टी दी जाती है। साथ ही 3 हजार कारीगरों को आधुनिहक तकनीक के जरिए डिजाइनिंग सिखाई गई है। कारीगरों की मार्जिन मनी के जरिए भी सहायता की जा रही है। सीएम ने कहा कि समाज के हर तबके के पास जब सरकार की योजनाएं पहुंचती हैं तो उनके जीवन में बदलाव आता है, तभी समाज बेहतर बनता है।

त्‍योंहारों पर महंगी बिजली खरीद कर की आपूर्ति

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों में 75 जिलों में से सिर्फ 4 जनपदों में ही बिजली आपूर्ति की जाती थी। पर्व और त्‍योंहारों पर प्रदेश अंधरे में डूबा रहता था। हमारी सरकार आने बाद पूरे प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति की गई। कोयला संकट होने के बाद त्‍योंहार पर किसी घर में अंधेरा न हो इसके लिए सरकार ने 22 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद कर पूरे प्रदेश में आपूर्ति की। सरकार पीएम मोदी के मंत्र सबका साथ, सबका विकास पर काम कर रही है। प्रदेश में 2 करोड़ 61 लाख से अधिक शौचालय बनाए गए, आवास योजना के तहत 42 लाख परिवारों के घर का सपना पूरा किया गया।

त्‍योंहारों पर दंगे नहीं कारोबार होता है

सीएम ने कहा कि पर्व और त्‍योंहार बहुत से परिवारों की आय का जरिए होते हैं। लेकिन 2017 से पहले जब त्‍योंहार आते थे तो प्रदेश में दंगे होते थे। कारोबार चौपट हो जाते थे। हमारी सरकार आने के बाद पिछले साढ़े चार सालों में एक भी दंगा नहीं हुआ है। सीएम ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार यूपी में 41 हजार स्‍थानों पर मूर्तियां रखी जाती है। शुक्रवार शाम तक 32 हजार मूर्तियों का सकुशल विर्सजन हो चुका है। कहीं कोई भी घटना नहीं हुई । यह सभी 41 हजार मूर्तियां मिट्टी की बनी थी, जो अपने ही कारीगरों ने तैयार की थी। इन आयोजनों से कितने लोगों को रोजगार मिला होगा। किसी ने यहां पंडाल लगाया होगा, दीये जले होंगे, कलाकार आए होंगे, बिजली की सजावट हुई होगी। पर्व रोजगार का जरिया हैं। नवरात्रि का त्‍योंहार पूरे प्रदेश में भव्‍यता से मनाया गया, कहीं कोई विवाद नहीं हुआ। त्‍योंहार के दौरान बतरी गई सावधानी और लोगों के उत्‍साह के आगे कोरोना भी हार गया।

मोदी सरकार ने दी पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्‍यता

सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी व केन्‍द्रीय कैबिनेट की बदौलत पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्‍यता मिल सकी है। इससे उनकी मान्‍यता बढ़ी है। अब आयोग द्वारा दिया गया कोई भी आदेश न्‍याययिक आदेश होता है। यह सिर्फ भाजपा सरकार में ही संभव हो सका। सीएम ने कहा कि 2015-2016 में गरीब बच्‍चों को स्‍काल‍रशिप नहीं मिली थी। हमारी सरकार आने के बाद पूर्वदशम में 30 लाख 63 हजार छात्रों को 627 करोड़ 49 लाख की छात्रवृति दी जा चुकी है। दश्‍मोत्‍तर के 69 लाख 18 हजार 683 छात्रों को स्‍कालरशिप व फीसपूर्ति की गई है। गरीब छात्रों के लिए 64 छात्रावास व 38 बालिकाओं के लिए छात्रवास बनाए गए है। गरीब कन्‍यों की शादी के लिए अनुदान देने का काम सरकार कर रही है। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास राज्‍यमंत्री धर्मवीर प्रजापति , राष्‍ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्‍यक्ष लोकेश प्रजापति, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्‍यक्ष नरेन्‍द्र कश्‍यप, महामंत्री प्रियंका रावत, प्रदेश मंत्री अश्‍फाक उल्‍ला, संजय पटेल आदि उपस्थि‍त रहे।