गंगा की लहरों पर आकाश गंगा की अठखेलियां

हरेन्द्र शुक्ला

: मुख्यमंत्री ने प्रोफेशनल कार्यक्रमों की मंच को किया साझा, लिया कारिडोर का जायजा :

रेलमंत्री पीयूष गोयल पहुंचे तुलसीघाट, लिया महंत से आशीर्वाद, तुलसीतीर्थ की देव दीपावली देख हुये भावविभोर, निहारते रहे धरोहरी घाट : मदर फार मदर्स ने किया दीपदान, ब्राह्मण महासभा के दीपदान से दमका वीरभद्र मिश्र घाट : वाराणसी। गंगा उस समय इतरा उठी जब देव दीपावली मना रहे काशीवासियों ने उनके गले में दीपों का कंठहार समर्पित किया। साढे सात किलोमीटर लम्बा गंगा तट दीपमालिकाओं से ऐसा सुसज्जित हुआ मानो गंगा की लहरों पर आकाश गंगा उतर आई हो। वैसे तो सभी 84 घाट दीप श्रृंखलाओं से दमक रहे थे किन्तु पंचगंगा घाट, मीरघाट, दशाश्वमेघ घाट, प्रयागघाट, राजाघाट, केदारघाट, तुलसीघाट, वीरभद्र मिश्र घाट और अस्सिघाट की छटा तो निराली थी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में तुलसीघाट ने कीर्तिमान स्थापित किया। विश्वविख्यात मैण्डोलियन वादक एवं भारत में मैण्डोलियन जैसे कठिन वाद्य यंत्र के जनक स्व पद्मश्री यू श्रीनिवासन तथा गंगा की स्वच्छता के लिए देश में पहली बार 40 वर्ष पूर्व आवाज बुलंद कर गंगा के लिए जिंदगी लगा देने वाले आईटी सिविल इंजीनियरिंग के प्रो वीरभद्र मिश्र सहित गंगा के नवरत्नों के नाम समर्पित इस कार्यक्रम में जहां एक ओर कबीर की सांखियां गुंजी तो दुसरी ओर यू राजेश की मैण्डोलीन और शिवमणि के ड्रम की साझेदारी ने एक अजब ही रुहानी माहौल का निर्माण किया।

गंगा की स्वच्छता की बीडा उठाये “मदर फार मदर्स” की सदस्यायें जहां अध्यक्षा श्रीमती आभा मिश्र के नेतृत्व गंगा जी को दीप समर्पित कर भावाजंलि दी तो वीरभद्र मिश्र घाट पर केन्द्रीय ब्राह्मण महासभा ने अध्यक्ष कमलाकांत उपाध्याय के संयोजन में 51सौ दीपों से घाट को दमका दिया। देश-विदेश से आये कलाकारों ने काशी के धरोहरी घाट ललिताघाट, जलासेन घाट, मणिकर्णिका घाट और सिंधियाघाट को अपनी चित्रकारी से तुलसीतीर्थ पर जीवंत किया तो दूसरी तरफ पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना “आओ काशी प्रवासी” के संदेश का प्रतीक चिह्न ने लोगो को खासा उत्साहित किया।

इसी क्रम में अपने मातहतों संग तुलसीघाट की देव दीपावली में पहुंचे केन्द्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने संकटमोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो विश्वम्भरनाथ मिश्र से आशीर्वाद लिया। तुलसीतीर्थ की धरोहरी घाटों की कलाकृति, प्रवासी भारतीय सम्मेलन का प्रतीक चिह्न “आओ काशी प्रवासी” और महान मैण्डोलियन वादक स्व पद्मश्री यू श्रीनिवासन को समर्पित देव दीपावली देख अभिभूत हुये।

समारोह का जीवंत संचालन बीएचयू सर सुन्दरलाल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो विजयनाथ मिश्र ने किया। वही दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने निर्धारित समय से कुछ बिलम्ब पहुंचने के साथ भैंसासुरघाट पर प्रोफेशनल कार्यक्रमों का आगाज करने के बाद बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद वहां बन रहे कारिडोर की प्रगति का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। वैसे काशी में देव दीपावली के अवसर पर घाटों पर उमडने वाले सैलानियों की संख्या के आगे सुरक्षा व्यवस्था बौनी ही नजर आ रही थी।

यह तो संयोग अच्छा रहा की बाबा के भरोसे दुनियां का सबसे बड़ा जलोत्सव, दीपोत्सव सहजता के साथ गुजर गया। वैसे ज्यादातर सुरक्षा व्यवस्था मंत्रीयों, नेताओं और अधिकारियों के इर्दगिर्द ही रश्क करती नजर आ रही थी। नये अस्सी घाट पर सकरे प्रवेशद्वार ने सैलानियों को आने जाने में खासा मुश्किलें पैदा की। यदि समय रहते उस प्रवेशद्वार को ओपेन नहीं किया गया तो किसी भी दिन किसी खास अवसर पर किसी हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है।

बनारस से वरिष्‍ठ पत्रकार हरेंद्र शुक्‍ला की रिपोर्ट. श्री शुक्‍ला अमर उजालादैनिक जागरणआज समेत कई अखबारों में कार्यरत रहे हैं.