आतंकवादियों के सफाए के लिए कश्‍मीर में समर्थन वापस : राजनाथ

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: पत्‍थरबाज पहुंचाते हैं सुरक्षा बलों को बाधा : लखनऊ। देश के गृहमंत्री और लखनऊ से लोकसभा सांसद राजनाथ ने मोदी सरकार के जम्मू और कश्मीर से आतंकवादी गतिविधियों के पूर्ण रूप से समाप्त करने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने लखनऊ में कहा कि आतंकवादी संगठनों को किसी भी तरह की अप्रिय घटना को लेकर चेतावनी दी है, जिसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमारे सुरक्षा बल तैयार हैं। हम ऐसे किसी भी प्रयास को विफल करने को प्रतिबद्ध हैं।

बुधवार को गृहमंत्री ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जबकि एक दिन पहले मंगलवार को ही बीजेपी ने जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद की बढ़ती घटना का हवाला देते हुए पीडीपी सरकार की नीतियों से खुद को असंतुष्ट बताया तथा अपना नाता तोड़ लिया था। बता दें कि पिछले ही सप्ताह राजनाथ सिंह ने कश्मीर के पत्थरबाजों पर बयान दिया था कि बच्चे तो बच्चे होते हैं, उन्हें आतंकी नहीं कह सकते।

बीते शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान उन्‍होंने कहा कि वह ये मानने को तैयार नहीं हैं कि पत्थरबाज, आतंकी होते हैं। उन्हें इस बात पर भी यकीन नहीं है कि कश्मीर और कश्मीरी भारत के दुश्मन हैं। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि यदि कोई बच्चा पत्थरबाजी में लिप्त है तो हम उसे आतंकवादी नहीं करार दे सकते। वह गुमराह हुआ है और उसे वापस मुख्यधारा में लाना हमारी जिम्मेदारी है।

जब उनसे पूछा गया था कि घाटी में एक तरफ पत्थरबाज एनकाउंटर के दौरान सिक्योरिटी फोर्स के काम में बाधा पहुंचाते हैं, वहीं मोदी सरकार पत्थरबाजों के प्रति नरमी बरत रही है और उनके खिलाफ लगे मुकदमें हटा रही है, तो क्या कश्मीर मुद्दे को लेकर मोदी सरकार की पॉलिसी में कोई असमंजस की स्थिति है? इसके जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा कि पत्थरबाजों के खिलाफ मुकदमें हटाने की मोदी सरकार की पॉलिसी के तहत सिर्फ पहली बार पत्थरबाजी करने वाले युवाओं को राहत दी गई है।

राजनाथ सिंह अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में दो दिवसीय प्रवास पर आए हुए हैं। बता दें कि मंगलवार को जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद यूपी में विशेष खुशहाली है। लगातार प्रदेश में जम्मू-कश्मीर से ताबूत आने का सिलसिला लगा हुआ था। पीडीपी से गठबंधन तोड़े जाने से आम जनता के साथ भाजपा का कार्यकर्ता भी खुश है। उसे लग रहा है कि अब सरकार आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

इस संदर्भ में शहीद मेजर मुकेश श्रीवास्तव के परिजनों ने बताया कि अभी तक हमारी सेना और अर्द्धसैनिक बल के जवानों का हाथ बांध कर आतंकवादियों से हमला कराया जा रहा था। तो आये दिन जवानों के शहीद होने की सूचना आती थी। अब बस केवल यही निवेदन है कि भारत सरकार सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा और देशहित में निर्णय लेने के लिए फ्री कर दे तो जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर में शांति आ जायेगी।manoj

वरिष्‍ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्‍तव की रिपोर्ट.