…और इस क्रिकेटर ने करोड़ों फैंस को दुख के साथ अचंभित कर दिया

क्रिकेट

राज बहादुर सिंह

: अदभुत, अद्वितीय, अविश्वसनीय एबी को सलाम : एबी डिविलियर्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अचानक अलविदा कह कर खेल की दुनिया की उस पुरानी कहावत को फिर जेरे बहस ला दिया कि रिटायरमेंट तब लेना चाहिए जब लोगों को कहना पड़े – अरे क्यों हो गए रिटायर न कि यह कि क्यों नहीं होते रिटायर। एबी में आराम से दो-तीन साल का कंपीटिटिव क्रिकेट बचा था लेकिन उन्होंने अपने करोड़ों फैंस को दुख के साथ अचंभित कर दिया। एबी ने भले ही यह कहा कि वह अब थक चुके हैं लेकिन उनके चाहने वाले उनके खेल की दास्तां सुनने सुनाने और देखने से कभी नहीं थकेंगे।

बेशक विवियन रिचर्ड्स आधुनिक क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज हों या फिर सचिन के नाम तमाम रिकॉर्ड लेकिन डिविलियर्स जैसा इनोवेटिव बल्लेबाज कोई दूसरा नहीं हुआ। ऐसे ऐसे स्ट्रोक लगाए एबी ने कि अगर न देखे तो बताने पर कतई यकीन न हो। रिकॉर्ड टूटते बनते रहते हैं लेकिन कोई हैरत नहीं कि ओडीआई में सबसे तेज फिफ्टी, हंड्रेड और 150 का रिकॉर्ड एबी के नाम दर्ज है।

आईपीएल में भी एबी बढ़िया ही खेल रहे थे। फिटनेस के लिहाज से भी कोई मुश्किल नहीं थीं। बेहतरीन फील्डर। मौका पड़ने पर विकेट कीपिंग करने में सक्षम। टेस्ट में 22 और ओडीआई में 25 शतक। टेस्ट में 222 और ओडीआई में 176 कैच। टेस्ट में 50 का औसत तो वनडे में लगभग 54 का। टी20 के भी बेहतरीन प्लेयर।

अमूमन विवादों से भी एबी दूर ही रहे। मैदान हो या बाहर, उन्हें हमेशा हंसते मुस्कराते सकुचाते और लजाते ही देखा गया। उन्हें साउथ अफ्रीका की कप्तानी का भी मौका मिला मिला लेकिन वह इसका बैटिंग जैसा लुत्फ नहीं उठा सके। खैर जलवे बिखेरने के बाद कभी न कभी मैदान छोड़ना ही पड़ता है और एबी ने भी 23 मई 2018 को यही किया। विलक्षण प्रतिभा के धनी इस अदभुत, अद्वितीय और अविश्वसनीय प्लेयर को सलाम।

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासत, फिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.