यूपी को पर्यटन के नक्‍शे पर पहचान दिलाना आवश्‍यक : नाईक

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: राज्यपाल से मिले भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी : लखनऊ : उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से बुधवार को राजभवन में भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी विनोद कुमार राजदूत उजबेकिस्‍तान,  अखिलेश मिश्रा उच्चायुक्त मालद्वीव, सौरभ कुमार राजदूत ईरान, इन्द्रमणि पाण्डेय राजदूत ओमान, सुश्री नगमा एम. मलिक उच्चायुक्त ब्रुनेई दारूसलाम, अनुराग श्रीवास्तव राजदूत ईथोपिया एवं डा. राजेश रंजन उच्चायुक्त बोत्सवाना ने भेंट की।

उक्त सभी विदेश सेवा के अधिकारी प्रदेश भ्रमण पर आए हैं तथा विदेशी निवेश की संभावनाओं पर विशिष्ट महानुभावों एवं अधिकारियों से भेंट करके चर्चा करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव हेमन्त राव,  संजय सिंह विशेष सचिव नियुक्ति विभाग उत्तर प्रदेश शासन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनसंख्या ही प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। विदेशी निवेश के लिए यहाँ उपलब्ध शिक्षित एवं कुशल मानव संसाधन के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्राहक भी हैं। इस बात को विदेशों में प्रचारित करने से भारत को ग्राहक परक उत्पादन के क्षेत्र में सफलता मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं लोकसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके कारण उत्तर प्रदेश का विस्तार हो रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग तथा उचित अवस्थापना विकास से विदेशी निवेश आकर्षित किया जा रहा है।

श्री नाईक ने कहा कि गत फरवरी 2018 में राज्य सरकार द्वारा सफल इंवेस्टर्स समिट 2018 का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और समापन राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने किया था। प्रदेश की बेहतर कानून व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिसके कारण समिट में 1,090 एमओयू के माध्यम से प्रदेश में रूपये 4.68 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो प्रशंसनीय है। प्रदेश का हर जिला किसी न किसी उत्पाद के लिए विख्यात है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, ऊर्जा, अवस्थापना विकास, चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं हैं।

राज्‍यपाल ने कहा कि संगठित निर्यात पद्धति से उत्तर प्रदेश को विदेशों में अच्छा बाजार मिल सकता है। प्रदेश के फलों के एक मुख्य उत्पाद आम के निर्यात के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। प्रदेश में पर्यटन विकास की भी असीम संभावनाएं हैं। यहाँ अनेक पर्यटन स्थल हैं जैसे ऐतिहासिक धरोहर की इमारतें, प्रयागराज का संगम, बनारस की गंगा आरती आदि। कुम्भ और अर्द्धकुम्भ के आयोजन को लेकर विदेशी लोगों को भारत आने के लिए बड़ी संख्या में आकर्षित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को पर्यटन के नक्शे पर विशिष्ट पहचान दिलाने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने विदेश सेवा के अधिकारियों को अपनी पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’, भगवद्गीता एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित भी किया।