चंदौली के एडीएम ने फरियादियों को गाली देकर कमरे से बाहर निकाला, देखें वीडियो  

राजीव गुप्‍ता

चन्दौली। केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना के साथ उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर रही है, लेकिन अधिकारी फरियादियों की समस्याओं को सुनने के बजाय पद की गरिमा का दुरुपयोग करते हुए दबंगई करने में अपनी शान समझते हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश में आमजनों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए लगातार अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित कर रहे हैं और इसकी मानिटरिंग भी करा रहे हैं, बावजूद इसके अधिका‍री सुधरने को तैयार नहीं हैं।

जी हां, यह मैं नही कह रहा बल्कि जनपद के एक पीड़ित फरियादी सहित उनके साथ गए अन्य फरियादी और विपक्षी दल सपा के विधायक कह रहे हैं। हालांकि उक्त अधिकारी को कई बार जिलाधिकारी ने फटकार के साथ ही उनके दो दिनों का वेतन भी रोक दिये, बावजूद इसके उक्त अधिकारी की सेहत पर इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा। इससे योगी सरकार पर से लोगों का विश्वास कम होता नज़र आ रहा है।

घटना चन्दौली जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट की है। अपर जिलाधिकारी बच्चालाल पर फरियादियों द्वारा फरियाद सुनने के बजाय  दबंगई पूर्वक गाली-ग्‍लौज देते हुए कार्यालय से धक्का देकर बाहर भगाने का आरोप लगाया है। मंगलवार को जिला अधिकारी के कार्यालय में अपर  जिला अधिकारी बच्चा लाल बैठे थे। वहां अपनी समस्याओं को लेकर बबुरी की ग्रामीण निशा शर्मा और धानापुर के सतीश कुमार पहुंचे थे।

दोनों का आरोप है कि समस्याओं को सुनने से पहले ही एडीएम साहब आग बबूला हो कर गाली देते हुए धक्के मार कर कार्यालय से बाहर निकलवा दिया।  पीड़ित महिला कलेक्ट्रेट में रो-रो कर घूमती रही और उसकी फरियाद कोई नहीं सुना। इस दौरान उधर से गुजर रहे कुछ पत्रकारों की नज़र उक्त महिला फरियादी पर पड़ी तो उनसे रोने का कारण पूछा तो उसने पूरी घटना बताई तथा कहा कि अब हम लोग जाए तो कहाँ जाए?

उसने बताया कि बहुत आशा और विश्वास के साथ हम साहब के पास अपनी फरियाद लेकर आये थे। एक तो मजदूरी करने के बाद अभी तक मजदूरी नहीं मिली। पैसे वालों ने पहले से ही पीड़ित किया है वहीं अधिकारी के पास आने पर अधिकारी समस्या सुनने से पहले ही भद्दी भद्दी गालियां दे रहे हैं। धक्का देकर के कार्यालय से बाहर भाग दे रहे हैं। इस स्थिति में हम जैसे गरीब व्यक्तियों की कौन सुनेगा? इसी बीच कलेक्ट्रेट पहुंचे सपा के विधायक प्रभु नारायण यादव से पीड़िता ने रो-रोकर अपनी आपबीती बताई।

इसके बाद सकलडीहा विधायक ने पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जब अपनी ही पार्टी के रॉबर्ट्सगंज सांसद को बाहर कर देते हैं और उनकी बात नहीं सुनते तो भला अधिकारी आम लोगों की बात कैसे सुनेंगे। इस सरकार में आमजनों की कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारी बेलगाम हैं। हालांकि एडीएम की शिकायत पहले से ही फरियादियो द्वारा लगातार सुनने में आ रही है। इस मामले पर जब अपर जिलाधिकारी बच्चा लाल से पूछा गया तो उन्होंने सीधे-सीधे कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।