अखिलेश यादव अहम के साथ अब वहम के भी शिकार :सिद्धार्थनाथ

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाजपा पर दिये बयान पर कड़ा प्रहार किया है।उन्होंने कहा कि पहले से अहम के शिकार रहे अखिलेश अब वहम के शिकार भी हो चुके हैं । उन्हें अब गाँव-गलियों की दबी आवाजें सुनाई देने लगी हैं । कोरोना कालखंड में जब जनता को सहायता की दरकार थी तो अखिलेश और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता किसी गाँव-गली में नजर नहीं आये। जनता के बीच जाने के बजाय ड्राइंग रूम में आराम फरमाते रहे। अब रथयात्रा में जब उन्हें अपनी हार दिखने लगी है तो उन्हें भाजपा की चिंता होने लगी है।

अखिलेश के ट्वीट पर पलटवार करते हुए सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अपने पिता और चाचा तक को किनारे लगाने के बाद अखिलेश को हर जगह बंटवारा ही नजर आता है। जबकि भाजपा और उसके कार्यकर्ता चट्टान की तरह एकजुट हैं। इसी एका के बूते सरकार और संगठन कोरोना जैसी महामारी में भी जनता की सेवा में दिनरात लगे रहे । विधानसभा सभा उपाध्यक्ष चुनाव का नतीजा भी सबूत के रूप में सबके सामने है । तमाम कोशिश के बावजूद सपा उम्मीदवार को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। प्रदेश प्रवक्ता सिंह ने कहा कि असलियत तो यह है कि सपा की हार की चर्चा अब गाँव-गलियों से निकलकर आमजन की चर्चा का हिस्सा हो चुका है, लेकिन वहम के शिकार अखिलेश यादव सच्चाई स्वीकारने की बजाय मुंगेरी लाल के हसीन सपने ही देख रहे हैं। उन्हें भाजपा में दो फाड़ का सपना नजर आ रहा है। अखिलेश यादव वहम से बाहर निकलने तो उन्हें पता चल जाएगा कि सपा और परिवार में दो फांड़ का पूरा श्रेय उन्ही को है । सपा के बहुत से लोग उनकी वजह से बाहर जा चुके हैं । समाजवादी पार्टी को खड़ा करने वाले मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव का अखिलेश यादव ने क्या हस्र किया है यह किसी से छिपा नहीं है।