आईटी ने मायावती के भाई आनंद की अरबों की बेनामी संपत्ति जब्‍त की

: कुछ सालों में ही 1,316 करोड़ की संपत्ति का बन गया मालिक : लखनऊ : यूपी की पूर्व मुख्‍यमंत्री एवं बसपा सुप्रीमो मायावती की मुसीबत बढ़ने वाली है। शुक्रवार को आयकर विभाग ने मायावती के भाई एवं बसपा उपाध्‍यक्ष आंनद कुमार तथा उनकी पत्‍नी विचित्र लता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आईटी ने आंनद और उनकी पत्‍नी की चार सौ करोड़ से अधिक मूल्‍य की बेनामी संपत्ति जब्‍त कर ली है। बताया जा रहा है यह तो अभी शुरुआत है। जांच अभी जारी है तथा आनंद तथा उनकी पत्‍नी की और भी कई संपत्तियों को जब्‍त करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी। जब्‍त की गई संपत्ति नोएडा में थी।

जानकारी के अनुसार मायावती के भाई और भाभी के अवैध संपत्तियों की जांच पिछले दो सालों से आयकर विभाग जांच कर रहा था। विभाग के पास जब पुख्‍ता सबूत मिल गये तब जाकर यह कार्रवाई की गई है। इसके पहले भी आनंद कुमार को बेनामी संपत्ति के बारे में आईटी ने नोटिस भेजा था। माना जा रहा है कि आनंद और उनकी पत्‍नी के पास अभी और भी कई अवैध और बेनामी संपत्तियां हैं, जिसकी जांच आयकर विभाग कर रहा है।

जब्‍त की गई सात एकड़ के इस प्लाट के बारे में बताया जा रहा है कि इसके आदेश 16 जुलाई को दिल्ली के बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) की तरफ से दिये गये थे। इस यूनिट का  नोडल विभाग इनकम टैक्‍स है। जानकारी के अनुसार  आनंद कुमार ने यह सम्पत्ति किसी दूसरे के नाम पर खरीदी थी, लेकिन इसके असली लाभार्थी आनंद कुमार व उनकी पत्नी विचित्र लता हैं। जांच में यह तथ्‍य सामने आने के बाद जब्‍त करने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

आनंद कुमार कभी नोएडा प्राधिकरण में क्लर्क हुआ करते थे, लेकिन मायावती के मुख्‍यमंत्री बनने के बाद आनंद कुमार की संपत्ति तेजी से बढ़ी। आनंद कुमार पर फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपए का लोन लेने का आरोप भी लगा था। वर्ष 2007  में मायावती की जब बहुमत वाली सरकार बनी अब आनंद कुमार ने एक के बाद एक लगातार 49 कंपनियां खोलीं, और अरबों रुपये की चल-अचल संपत्ति बनाई। वर्ष 2014 में वह 1,316 करोड़ की संपत्ति के मालिक बन गए। आरोप लगा कि फर्जी कंपनी बनाकर आनंद ने यह संपत्ति अर्जित की है।

गौरतलब है कि आनंद कुमार नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान भी चर्चा में आए थे। आनंद के खाते में अचानक 1.43 करोड़ रुपये जमा हुए थे। इतनी बड़ी रकम उनके खाते में आने के बाद से वह एक बार फिर से जांच एजेंसियों की नजर में आ गए थे। आयकर विभाग के साथ ईडी भी आनंद कुमार के खिलाफ जांच कर रहा है। जांच एजेंसियां पहले भी कई बार आनंद के घर और दफ्तरों में छापेमारी कर चुकी है। कानून के मुताबिक बेनामी अधिनियम का उल्लंघन करने पर  सात साल की सजा और संपत्ति की बाजार कीमत का 25 फीसदी जुर्माना देना पड़ सकता है।