अपने ही रचे चक्रव्‍यूह में फंस कर मर गया प्रत्‍यूष मणि त्रिपाठी

लाल घेरे में मृतक प्रत्यूष मणि त्रिपाठी

: पड़ोसियों को फंसाने के लिए भाजयुमो नेता ने रची अपने ऊपर हमले की साजिश : पुलिस ने अपने खुलासे में किया दावा : प्रत्‍यूष के तीन दोस्‍तों ने किया गुनाह कबूल :  लखनऊ : पड़ोसियों को फंसाने तथा गनर पाने की चाहत ने भाजयुमो नेता प्रत्‍यूषमणि त्रिपाठी की जान ले ली। पुलिस के खुलासे के दावा को सही माने तो अपने ही बनाये चक्रव्‍यूह में फंसकर प्रत्‍यूषमणि ने अपनी जान गंवा दी। 25 नवंबर को पड़ोसियों से हुए विवाद में आरोपियों को जेल भिजवाने की साजिश उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गई। हमले में अधिक खून बह जाने से प्रत्‍यूष की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को अरेस्‍ट कर लिया है, जबकि दो गिरफ्त से बाहर हैं।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्रत्‍यूष मणि का साथ देने वाले उनके पांच करीबी गुर्गे शामिल हैं। पुलिस के दावे के अनुसार अमित उवस्थी उर्फ राजा, आशीष अवस्थी, महेंद्र गुप्ता और अनिल राणा समेत कुल पांच दोस्तों ने प्रत्यूष की सहमति से वारदात को अंजाम दिया था। प्रत्‍यूष इस हमले में खुद को घायल दिखाकर पड़ोसियों को 307 में फंसाना चाहता था। साथ ही अपनी सुरक्षा के लिए गनर पाना चाहता था।

पुलिस के अनुसार प्रत्‍यूष के गुर्गों ने बताया कि प्रत्यूष के घर के सामने रहने वालों लोगों से जमीन का विवाद हुआ था। उन लोगों को सबक सिखाने और सुरक्षा लेने के लिए उसने खुद पर हमले की स्क्रिप्ट तैयार की थी। प्रत्यूष ने कंधे पर हमला करने के लिए गुर्गों से कहा था। तय किये गए स्क्रिप्ट के अनुसार इन लोगों ने तीन दिसंबर को बादशाह नगर के पास प्रत्‍यूष पर हमला किया, लेकिन हमले में वह कुछ ज्यादा ही घायल हो गया। प्रत्‍यूष को ज्‍यादा घायल देख हमलावर मौके से फरार हो गए। इसमें एक गुर्गे की तस्‍वीर भी सीसीटीवी में कैद हो गई थी।

जब प्रत्‍यूष को कुछ लोगों ने घायल अवस्‍था में बादशाह नगर रेलवे स्‍टेशन के पास देखा तब उसे ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां ज्‍यादा खून बह जाने से उसकी मौत हो गई। प्रत्‍यूष पर यह कथित हमला 3 दिसंबर की देर रात हुआ था। पुलिस को प्रत्यूष के इन तीनों दोस्तों पर शुरू से ही शक था। मामले में दो नामजद आरोपियों को अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने आशीष, अनिल और महेंद्र से घटना के दिन प्रत्यूष मणि और उनकी मुलाकात के बारे में पूछा था, जिस पर वो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके थे।

एससएसपी ने बताया कि भाजपा नेता की हत्या में अनिल राणा, अमित अवस्थी राज, महेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। दो लोग अभी फरार हैं। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बीते दिनों प्रत्यूष के साथ मारपीट हुई थी। उस मामले में गंभीर कार्रवाई के लिए उसने हमले की साजिश बनाई थी। इस मामले में कैसरबाग के इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुशवाहा को निलंबित भी किया गया था। सरकार ने प्रत्‍यूष को दस लाख रुपए की आर्थिक सहायत भी दी थी।