अजित वाडेकर : अर्श से फर्श तक का सफर

राज बहादुर सिंह

: निधन पर श्रद्धांजलि : स्वतंत्रता के दिन अजित वाडेकर इस फानी दुनिया से स्वतंत्र हो गए। उनकी उम्र 77 साल थी और उनका जीवन क्रिकेटर और कप्तान के लिहाज से मिश्रित था। वह पहले कप्तान थे, जिन्होंने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में टेस्ट श्रृंखला जीती। फिर अर्श से फर्श का दौर भी देखा।

बहरहाल 1971 में मिली ऐतिहासिक कामयाबी 1974 में तब धुल गयी जब भारत को इंग्लैंड में 3-0 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। जिस वाडेकर का देश ने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में जीत के बाद लौटने पर रेड कारपेट से ऐतिहासिक स्वागत किया था उसी पर पत्थर भी बरसाए और ज्यादा नाराजगी ओवल में केवल 42 रन पर आउट होने की थी।

बाएं हाथ के बल्लेबाज अजित वाडेकर कप्तान रहने के अलावा टीम के मैनेजर और चीफ सेलेक्टर भी रहे। वह स्लिप के बढ़िया फील्डर भी थे। उनके हिस्से ऐतिहासिक कामयाबी आयी और उन्हें मुश्किल लम्हों से भी गुजरना पड़ा। बहरहाल वह भारतीय क्रिकेट के एक ऐतिहासिक पुरुष थे और उनके निधन पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।rbs

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.