बीएचयू हुआ फिर अशांत, जलाये गये दर्जनों वाहन (देखें वीडियो)

हरेन्द्र शुक्ला

: रेजिडेंट डाक्टर और तीमारदार के बीच विवाद सुलझने के बाद फिर किसने लगाई आग : कुलपति आवास पर पथराव, अराजकतत्वों ने  रुईया हास्टल की ढहायी 150 मीटर लंबी : बाउंड्रीवाल, एटीएम, सुरक्षा चौकी में तोड़फोड़ : वाराणसी। बीएचयू प्रशासन की शिथिलता, प्राक्टोरियल बोर्ड का नकारापन और प्रशासनिक पद पाने की गंदी होड के कारण परिसर में बात बात पर अराजकता का माहौल बन रहा है।  छोटी छोटी घटनाएं अलग अलग कारण बनकर भले ही दिखाई दे रही हैं, लेकिन गहराई से अध्ययन करें तो परिसर में अराजकता को हवा देने में चीफप्राक्टर की अकर्यमणता जहां हर बवाल में झलकता है वही लगातार सर सुन्दरलाल अस्पताल को अस्थिर करने में कहीं न कहीं पूर्व चिकित्सा अधीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध है।

सोमवार की शाम अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में बीएचयू के पूर्व छात्र और रेजिडेंट डाक्टर के बीच हुई कहासुनी के बाद मारपीट की घटना ने इतना तूल पकड लिया कि रुईया छात्रावास पर पत्थरबाजी और आगजनी से जहां आधा दर्जन वाहन जलकर राख हुये वही पत्थरबाजी और मारपीट में आधा दर्जन रेजिडेंट घायल हो गये। घायल रेजिडेंटों को ट्रामां सेंटर में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।

सोमवार को सायं ६ बजे अस्पताल के सर्जरी वार्ड में रेजिडेंट डाक्टर और मरीज के परिजन के बीच हुई मारपीट की घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो विजयनाथ मिश्र ने दोनों पक्षो से बातचीत करके विवाद को खत्म करा दिया था। इसी बीच मारपीट की घटना के दो घंटे बाद चीफ प्राक्टर के आते ही मामला फिर से गरमा गया, और एक बार फिर रेजिडेंटो ने प्रशासनिक भवन के सामने कार पार्किग में अपने परिजन का इलाज कराने आये पूर्व छात्र की जमकर पिटाई कर दी। इसके कुछ ही देर बाद धन्वंतरि छात्रावास परिसर में घुसकर गमछा से मुंह बाधे लोगो ने रेजिडेंट डाक्टर विश्वजीत और मनिनदर को मारपीट कर घायल कर दिया।

अभी घायलो का इलाज चल ही रहा था कि इसी बीच लंका रविदास गेट के पास रेस्टूरेंट से खाना खाकर निकल रहे एक रेजिडेंट के ऊपर आधा दर्जन युवको ने हमला कर घायल कर दिया। इस घटना से उत्तेजित मेडिकल के छात्रों ने रात्रि १०.३० बजे सिंहद्वार बंद कर आरोपितो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची लंका पुलिस ने धरनारत मेडिकल छात्रों को समझा बुझाकर धरना खत्म कराया। उधर बिरला छात्रावास के छात्रो ने आरोप लगाया कि छात्रावास का छात्र बिरला चौराहे के पास खाना खाने के बाद टहल रहा था, इसी बीच सदलबल पहुंची चीफ प्राक्टर प्रो रोयना सिंह की मौजूदगी में सुरक्षाकर्मियो ने उक्त छात्र की पिटाई कर दी।

इस घटना ने आग में घी का काम किया। देखते ही देखते छात्र उग्र हो गये और कुलपति आवास, रुईया छात्रावास पर पथराव और आगजनी शुरु कर दिया। वही उग्र छात्रों ने एलडी गेस्ट हाऊस चौराहे पर एटीएम, सुरक्षा चौकी में तोड़फोड़ करने के बाद कृषि संस्थान में खडी जिप्सी और रुईया छात्रावास परिसर में खडी आधा दर्जन दुपहिया वाहनों को प्राक्टोरियल बोर्ड रुईया मेडिकल छात्रावास और बिरला छात्रावास के बीच मोर्चेबंदी हो गई।

इस दौरान दोनों छात्रावासो के बीच खूब पत्थरबाजी और आगजनी भी हुई। पत्थरबाजी में जहां दोनों कतरफ से दर्जनो छात्र घायल हो गये वही रुईया छात्रावास परिसर में खडी आधा दर्जन दो पहिया वाहनों को अराजक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। पूरा परिसर रात्रि १० बजे से लेकर अल सुबह तक अराजक तत्वों के अधीन रहा।

इसी बीच रात्रि में बिरला छात्रावास के दो छात्रों को धन्वंतरि मेडिकल छात्रावास में बंदी बनाकर पिटाई की गई। सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी , एडीजी जोन और एसएसी के नेतृत्व में परिसर में फ्लैग मार्च किया गया। इसके बावजूद भी स्थिति जब नही संभली तो आराजक तत्वों पर लाठीचार्ज करके स्थिति को जिला प्रशासन नियंत्रित करने में कामयाब रहा। लाठीचार्ज में धन्वंतरि छात्रावास के वार्डेन सहित दर्जनो छात्र घायल हो गये। लेकिन बीएचयू प्रशासन हर मोर्चे पर बैकफुट पर ही नजर आया।

अस्पताल में  रातभर चक्रमण करते रहे चिकित्सा अधीक्षक : अस्पताल में हुये विवाद के बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो विजयनाथ मिश्र ने सोमवार की शाम ७.३० अस्पताल के प्रशासनिक भवन में दोनों पक्षो से बातचीत कर मामले का निस्तारण कर दिया था। एहतियात के तौर पर चिकित्सा अधीक्षक अपने मातहतो के साथ पूरी रात अस्पताल में भर्ती मरीजो और इमरजेंसी में चक्रमण करते रहे। मंगलवार को ओपीडी सामान्य दिनो की तरह शुरु हुई। हालाकि कुछ रेजिडेंटो ने व्यवधान डालने की कोशिश की, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक ने उन्हे समझा बुझाकर शांत करा दिया। इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि रेजिडेंटो की कोई हडताल नहीं है अस्पताल के सभी रेजिडेंट डाक्टर और वरिष्ठ चिकित्सक ओपीडी में सामान्य दिनो की तरह अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मरीजो के हित के साथ अस्पताल प्रशासन कोई भी समझौता नहीं करेगा। उधर मंगलवार को सायं अस्पताल के प्रशासनिक भवन में सभी विभागाध्यक्षो, वरिष्ठ चिकित्सको और नर्सिंग स्टफो संग बैठक कर अस्पताल में मरीजो के इलाज और बेहतर कैसे हो इस पर विमर्श किया।

चीफ प्राक्टर को हटाने की मांग को लेकर छात्रों का धरना-प्रदर्शन : बिरला, लालबहादुर शास्त्री छात्रावास के सैकड़ों छात्रों ने मंगलवार को  बीएचयू प्रशासन द्वारा हास्टल खाली कराये जाने के फ़रमान से उद्वेलित होकर एलडी गेस्ट चौराहे पर धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। धरना प्रदर्शन में शामिल छात्र बीएचयू प्रशासन द्वारा हास्टल खाली करने के आदेश को वापस लेने और बार बार बीएचयू को हिंसक बनाने में माहिर चीफ प्राक्टर प्रो रोयना सिंह को उनके पद से हटाने की मांग कर रहे थे। सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में दर्जन भर थानों की फोर्स, पीएएससी के जवान, बम निरोधक दस्ता के साथ ही अग्निशमन दल के जवान तैनात किये गये हैं।

बनारस से वरिष्‍ठ पत्रकार हरेंद्र शुक्‍ला की रिपोर्ट. श्री शुक्‍ला अमर उजाला, दैनिक जागरण, आज समेत कई अखबारों में कार्यरत रहे हैं.