बिजलीकर्मियों के आंदोलन के आगे सरकार ने टेका घुटना, तीन माह के लिए निजीकरण का प्रस्ताव पर रोक,काम पर लौटे बिजलीकर्मी

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  • सरकार और बिजली यूनियनों के पदाधिकारियों के  बैठक के बाद बिजलीकर्मियों का आंदोलन समाप्त      

चंदौली : पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में विगत एक माह से बिजलीकर्मियों का चल रहा आंदोलन आज देर सायं प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री,ऊर्जा विभाग के उच्चाधिकारियों व विद्युत उपक्रम के सभी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ हुई मैराथन बैठक के बाद थम गया है। विद्युत संगठनों के पदाधिकारियों व सरकार के बीच बनी सहमति के बाद निजीकरण का प्रस्ताव तीन माह के लिए कुछ शर्तों के साथ टाल दिए जाने के बाद बिजलीकर्मियों ने आंदोलन के समाप्ति की घोषणा कर कार्य प्रारम्भ कर दिया है।बताते चलें कि बिजलीकर्मियों द्वार सोमवार से चल रहे कार्य बहिष्कार के कारण प्रदेश में विद्युत संकट गहरा गया था।

ऐसे में सरकार और विद्युत विभाग के समस्त संगठनों को पदाधिकारियों के बीच सोमवार को हुई बैठक में कोई निर्णय नहीं निकलने के कारण मंगलवार को भी कार्य बहिष्कार कर बिजलीकर्मियों ने आंदोलन जारी रखा था।

जिसके बाद सरकार ने पहल कर सरकार ने पहल कर सभी पक्षों से वार्ता कर इस शर्त के साथ निजीकरण का प्रस्ताव तीन माह के लिए टाल दिया है कि हजारों करोड़ रुपये के घाटे में चल रहे विद्युत विभाग को सभी कर्मचारी और प्रबंधन मिलकर कम करेंगे।

साथ ही आंदोलन के दौरान जिन अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कोई मुकदमा हुआ है या कोई अनुशासत्मक कार्रवाई हुई है तो वह बिना शर्त समाप्त कर दिया जायेगा।

ऐसे में चन्दौली जनपद के बिजलीकर्मी भी देर सायं काम पर लौट आये और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।