बसपा का झटका, गठबंधन अधर में लटका

मनोज श्रीवास्‍तव

लखनऊ। भाजपा को एक साथ मिलकर टक्कर देने के विपक्ष के मंसूबे को बसपा प्रमुख मायावती ने जोरदार झटका दिया है। छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की जनता कांग्रेस से गठबंधन करके मायावती ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस से ज्यादा समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को परेशानी में डाल दिया है, जो उपचुनाव के बाद से ही गठबंधन के लिए मरे जा रहे थे।

यूपी की सभी सीटों पर लड़ने वाली सपा मात्र तीस सीटों पर भी लड़ने को तैयार थी, लेकिन छत्तीसगढ़ में जोगी को साथ लेकर मायावती ने कांग्रेस के साथ सपा पर भी दबाव बढ़ा दिया है। अपनी सियासी अनिश्चितता और धोखेबाजी के लिए पहचानी जाने वाली बसपा के तेवर से सबसे ज्यादा मुश्किल सपा और अखिलेश यादव के समक्ष खड़ी हो गई है।

बसपा, कांग्रेस और रालोद गठबंधन के सहारे भाजपा और नरेंद्र मोदी को टक्कर देने का सपना पाले अखिलेश के लिए अब घर से भी बड़ी चुनौती मिलने जा रही है। शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चा ने अखिलेश की परेशानी और बढ़ा दिया है। शिवपाल का टार्गेट भी सपा में उपेक्षित और नाराज चल रहे नेताओं पर है।

अपनी मिलनसार छवि के चलते शिवपाल की जमीनी अखिलेश से ज्यादा है। शिवपाल ज्यादा सीटें भले नहीं जीत पाएं, लेकिन कई सीटों पर सपा का समीकरण बिगाड़ जरूर देंगे। ऐसी परिस्थिति में बसपा की बेरुखी अखिलेश को परेशान कर रही है।

दबाव बनाते हुए मायावती ने यह भी संदेश दे दिया है कि समझौता सम्मान जनक सीटों पर ही होगा, जबकि अखिलेश पहले ही तीस सीट पर भी समझौता करने की बात कह चुके हैं। ऐसी स्थिति में अब बस अखिलेश का घुटना टेकना ही शेष रह गया है।

बेताल बनकर सपा-बसपा के कंधों के सहारे चुनावी बैतरणी पार करने की कांग्रेस की कोशिशों को भी मायावती ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में बड़ा झटका दे दिया है। अब देखना है कि बसपा के इस कदम के बाद सपा और कांग्रेस क्या कदम उठाते हैं?manoj

वरिष्‍ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्‍तव की रिपोर्ट.