कात्यायनी चैनल के हेड बने धीरज कुमार

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: समूह के मीडिया इंस्टीट्यूट को स्थापित करने में निभायेंगे भूमिका : धीरज कुमार ने अपनी नई पारी कात्‍यायनी टीवी के साथ शुरू की है। उन्‍हें चैनल का हेड बनाया गया है। वे टीवी ऑपरेशन्‍स के साथ कात्‍यायनी समूह द्वारा शीघ्र शुरू होने वाले मीडिया इंस्‍टीट्यूट के संचालन में भी अपनी भागीदारी निभायेंगे। उनकी रिपोर्टिंग ग्रुप सीईओ रोहित रोहन को रहेगी। फिलहाल वे फेम इंडिया पत्रिका के साथ एशोसिएट एडिटर के रूप में जुड़े हुए थे।

हिंदी एवं अंग्रेजी पर समान पकड़ रखने वाले धीरज कुमार पत्रकारिता में लगभग तीन दशकों से सक्रिय हैं। प्रिंट के साथ इलेक्‍ट्रॉनिक और वेब मीडिया तीनों पर इनकी मजूबत पकड़ है। धीरज कुमार की शिक्षा-दीक्षा बिहार तथा इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से हुई है। वे 1991 में नागपुर से प्रकाशित अंग्रेजी दैनिक लोकमत टाइम्‍स और उसके बाद हिन्दी दैनिक आज के इलाहाबाद संस्‍करण से जुड़े। 1994 में टीवी पत्रकारिता से जुड़ने दिल्ली आ गये जहां रजत शर्मा के अधीन ज़ी टीवी में नौकरी मिली। फिर इसी ग्रुप के सिटी चैनल नेटवर्क से जुड़कर इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया की बारीकियां सीखीं तथा कई पदों पर कार्यरत रहे। 1999 में दिल्‍ली में जैन टीवी न्यूज़ के साथ जुड़े और यहां से इस्‍तीफा देने के बाद अपना एजुकेशनल पोर्टल शुरू किया।

2002 में नलिनी सिंह के संस्थान टीवी लाइव के साथ जुड़े और दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले ‘आंखों देखी’ के एक्‍जीक्‍यूटिव प्रोड्यूसर तथा हेड ऑफ एडिटोरियल की भूमिका निभायी। 2008 में आंखों देखी से इस्‍तीफा देने के बाद पॉजिटिव मीडिया के फोकस तथा हमार टीवी न्‍यूज से आऊटपुट एडीटर के रूप में जुड़ गये। यहां से इस्‍तीफा देने के बाद कई न्‍यूज पोर्टलों को चलाया। बहुचर्चित तांत्रिक निर्मल बाबा का पहला कानूनी नोटिस उन्हें ही मिला जिससे वे खासे चर्चित रहे।

इसके बाद वर्ष 2012 में वे फेम इंडिया से बतौर एसोशिएट एडीटर जुड़े जहां पॉजिटिव पत्रकारिता का एक नया आयाम शुरू किया। वे कई टीवी चैनलों, साइंस, लाइफ-स्‍टाइल पोर्टलों से बतौर सलाहकार जुड़े रहे और लाइव स्ट्रीमिंग तथा ऐप्प डेवलपमेंट व सोशल मीडिया की अपनी कंपनी चला चुके हैं। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आईपीटीवी विज्ञान प्रसार डॉट जीओवी डॉट इन को इन्होंने ही लॉंच करवाया था।