मुख्यमंत्री ने बृजक्षेत्र के विकास के लिए दी 411 करोड़ रुपए की सौगात

  • यमुना जी की निर्मलता के लिए हम सबको मिल कर काम करना है : मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री ने यमुना के प्रदूषित हो रहे जल को लेकर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा
  • कानपुर में गंगा की निर्मलता को हमने कैसे बचाया है, वहां अब सीवर का पानी गंगा जी मे नही गिरता।
  • जब तक गोसेवा का कार्य बृज क्षेत्र में होगा, तब तक यह क्षेत्र भगवान कृष्‍ण का आशीर्वाद से धन्‍य होता रहेगा।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को वृन्दावन पहुंचे, जहां उन्होंने यहां बांके बिहारी के दर्शन करने के बाद मथुरा के विकास के लिए 411 करोड़ रुपए की सौगात दी और कई योजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री अयोध्या की तरह ही मथुरा और वृन्दावन को भी बड़े तीर्थाटन स्थल के रुप में विकसित करना चाहते हैं। अपनी इस मंशा का खुलासा भी उन्होंने किया और कहा कि बृज क्षेत्र को भगवान श्री कृष्‍ण के साथ-साथ यमुना मईया का आशीर्वाद भी मिल रहा है। हमें बृजक्षेत्र को एक नया स्वरूप देना है। दुनिया के सामने एक उदाहरण देना है और यमुना जी की निर्मलता के लिए हम सबको मिल कर काम करना है।

यह ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना नदी का जिक्र किया और यमुना के प्रदूषित हो रहे जल को लेकर दिल्ली सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि अगर कानपुर में नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत गंगा निर्मल हो सकती है तो दिल्ली की सरकार यमुना जी की निर्मलता के लिए कार्य क्यों नहीं कर सकती। बस यमुना के लिए दिल्ली सरकार उपाय कर दे, बाकी हम कर के दिखा देंगे। कानपुर जाइये देखिए गंगा की निर्मलता को हमने कैसे बचाया है, आज कोई भी सीवर का पानी गंगा जी मे नही गिरता। यमुना के जल को भी हम निर्मल बना देंगे। प्रदेश सरकार नदियों को अविरल और बचाने का काम प्रतिबद्धता से कर रही है। गंगा नदी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

यमुना के जल को निर्मल बनाने का यह दावा मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने वृंदावन में आयोजित संतो के वैष्‍णव कुंभ में किया। मुख्यमंत्री ने वृंदावन के टूरिस्ट सेंटर में दूरदराज से आए संतों को अपने हाथों से भोजन भी परोसा। फिर मंच से संतों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बृज क्षेत्र के विकास के लिए तीर्थ विकास परिषद का उन्होंने गठन किया है। वृंदावन जिस सम्मान का हकदार है, वह सम्मान उसे और पूरे तीर्थ क्षेत्र को प्राप्त हो इसके लिए आपका सानिध्य ऐसे ही बना रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान ध्वाजारोहण वैष्णव बैठक मेले का ध्वजारोहण किया। वैष्णवी कुंभ/ दिव्य कुंभ 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। यह कुंभ 25 मार्च तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर अपनी खुशी का इजहार भी किया।

मथुरा में विकास कार्य कराने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृज तीर्थ विकास परिषद की बैठक भी की। जिसमें उन्होंने कहा कि पहले क्या होता था, आपको पता है, लेकिन बीजेपी की सरकार आने के बाद हमने इसमे रुचि ली। जिसके परिणामस्वरूप हम सब ने मिलकर संतो के सानिध्य में इस कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई, जो आपके सामने है। आज मंत्री, सांसद, साधु -संत और अधिकारी सब मिलकर बृज क्षेत्र के विकास की योजनाएं बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकारें तो आती और जाती रहती हैं। विकास के काम भी कम और ज्यादा होते रहेंगे। संतों की भावनाओं के प्रति भारत का समग्र विकास होगा। काशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सानिध्य में मजबूती से साथ विकास हो रहा है। दिव्य और भव्य कुंभ कैसे हो सकता है, यह हमें प्रयागराज में दिखाया है। प्रयागराज में कुंभ के आयोजन करके हमने स्वच्छता और कार्यकुशलता का परिणाम दिया तो यूनेस्को को भी इसकी सराहना करनी पड़ी। अब हमे बृज क्षेत्र को एक नया स्‍वरूप देना है। बृज क्षेत्र के विकास को दुनिया के सामने एक उदाहरण के रूप में प्रस्‍तुत करना है। यह अवसर हमें मिला है। जब तक गोसेवा का कार्य बृज क्षेत्र में होगा, तब तक यह क्षेत्र भगवान कृष्‍ण का आशीर्वाद से धन्‍य होता रहेगा। मै खुशनसीब हूं कि यह मौका मुझे मिला है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वैष्‍णव बैठक वास्‍तव में वृंदावन कुंभ का ही स्‍वरूप है। ये मेरा सौभाग्‍य है कि मुझे संतो का सानिध्‍य प्राप्‍त हो रहा है।