साख पर बट्टा लगाने वाले चिकित्सकों पर होगी सख्त कार्रवाई

हरेंद्र शुक्‍ला

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान के सर सुन्दरलाल अस्पताल के चिकित्सको द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय गंभीर मोड में आ गया है। वर्षो से चल रहे प्राइवेट प्रैक्टिस के गोरखधंधे की शिकायत पर मंत्रालय गोपनीय जांच करवा रहा है। जांच में दोषी पाये जाने वाले चिकित्सको के विरुद्ध कडी काररवाई की जायेगी। रविवार को बीएचयू के लक्ष्मणदास अतिथि गृह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल से सर सुंदरलाल चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने औपचारिक मुलाकात कर अस्पातल के बारे में चर्चा की।

इस दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि यह शिकायत मिल रही है कि सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करके सरकार और महामना के इस महान संस्थान को बदनाम कर रहे हैं। अस्पताल की सूचिता और मरीजो के हित को देखते हुये मंत्रालय अपने स्तर से भी सरकार की साख पर बट्टा लगाने वाले प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सको के विरुद्ध जांच शुरु करायेगी, दोषी पाये जाने वाले चिकित्सको के विरुद्ध कडी काररवाई की जायेगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने कहा कि नयी दिल्ली स्थित एम्स में जिस तरह न्यूरोलॉजिकल रोगो से ग्रसित बच्चों के लिए हेल्पलाइन जारी है उसी तरह की व्यवस्था बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भी शुरु किया जाय। ताकि ज्यादा से ज्यादा गरीब मरीजो को लाभ मिल सके। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने बरकछा में 5 सौ बिस्तर वाले अस्पताल के संदर्भ में चर्चा करते हुए कहा कि अगले 10 दिनों में आपको उसका प्रस्ताव सौंप दिया जाएगा।

प्रो. मिश्र ने कहा कि सितंबर के पहले सप्ताह में विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर बरकछा (मिर्जापुर) में शुरु होने जा रहे ओपीडी सेवा का उद्घाटन केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल करेंगी। उन्होंने बताया कि अनुप्रिया पटेल ने मरीजों और तीमारदारों के लिए शुरु किए गये निःशुल्क भोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानवता की दिशा में उठाया गया यह कदम सराहनीय है। इससे जनता खुश है और इसे सुचारु रुप से जारी रखने के प्रयास किए जाने चाहिए।

गौरतलब है कि सर सुंदरलाल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का पदभार ग्रहण करने के दूसरे दिन से ही प्रो विजयनाथ मिश्र ने मरीजों और तीमारदारों के लिए नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की। दरअसल वह कई दिनों तक अस्पताल परिसर में रात्रि में खुले आसमान के नीचे रहने वाले तीमारदारों के बीच बैठे। उनके साथ उनका दुःख बांटा, उनसे उनकी समस्याएं जानीं। उनकी तकलीफों को जानने के बाद ही उन्होंने नि:शुल्क भोजन सहित अन्य कई योजनाओ की शरुवात की।

इतना ही नहीं ओपीडी में इलाज के लिए मरीजो को लंबी कतारो से छुट्टी करने के लिए उन्होंने चले चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से जुड़े डिप्टी एम एस के लिए भी ओपीडी अनिवार्य किया, विश्वविद्यालय के छात्रों व शिक्षण व गैरशिक्षण कर्मचारियों तथा शिक्षक परिवार के लिए ओपीडी की अलग-अलग सुविधा प्रदान की। इन सभी सुविधाओं के पीछे उनका इस अस्पताल में किए गए कार्य का लंबा अनुभव रहा। अब उनके द्वारा उठाए गए कदमों की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है और भ्रष्टाचारियों में हडकंप मचा है।