‘जैविक हथियार के रूप में चीन ने किया COVID-19 का इस्‍तेमाल’

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: एक अमेरिकी वकील ने यह आरोप लगाते हुए चीन पर किया 200 खरब डॉलर का मुकदमा : नई दिल्ली : कोरोना वायरस (#corona)के कहर से पूरी दुनिया कराह रही है। इस खतरनाक वायरस ने कई हजार लोगों को असमय काल के गाल में ढकेल दिया है। चीन के वुहान शहर से पैदा हुए इस वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। लाखों लोग इस खतरनाक वायरस (kovid-19) की चपेट में आकर जीवन-मृत्‍यु के बीच झूल रहे हैं।

इटली, पेरिस समेत कई देशों में कोरोना वायरस ने भारी तबाही मचाई है। अमेरिका भी इस जानलेवा वायरस की चपेट में है। अमेरिका में अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अब अमेरिका के वकील लैरी केलमेन ने विश्व स्तर पर कोरोना (#corona) वायरस के प्रसार को लेकर चीन के खिलाफ मुकदमा किया है। यह मुकदमा 200 खरब डॉलर का है।

कोरोना ने मचाई भारी तबाही : मुकदमे में चीन पर दुनिया के 3.34 लाख लोगों को वायरस से संक्रमित करने का आरोप लगाया गया है। केलमेन ने टेक्सास के उत्तरी डिस्ट्रिक्ट की अदालत (court) में मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस को चीन ने युद्ध के जैविक हथियार के तौर पर बनाया है। वह इसे आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी कानून, अंतरराष्ट्रीय कानून, समझौतों और मानदंडों का उल्लंघन कर रहा है।

केलमेन ने अदालत से कहा कि कोरोना एक प्रभावी और विनाशकारी जैविक युद्ध हथियार है, जिसे बड़े पैमाने पर आबादी को मारने के लिए डिजाइन किया गया है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वायरस की तबाही के लिए चीन की एक गलती को जिम्मेदार बताया था। उन्‍होंने कहा कि चीन के द्वारा कोरोना वायरस पर जानकारी छुपाने की कीमत आज पूरी दुनिया चुका रही है।