बेरोजगार हैं तो मिलिए इस चोर से, 15 हजार की नौकरी पक्‍की

राजीव गुप्‍ता

: सैलरी पर चोरी कराता था जहरखुरानी गिरोह का सरगना : जीआरपी-आरपीएफ की टीम से किया खुलासा : मुगलसराय। देश में नौकरियों की भारी कमी से युवा परेशान हैं। रोजगार के नाम पर पकौड़ी तलने को कहा जाता है। नाले की गैस से चाय बनाने का सुझाव दिया जाता है। इस स्थिति में सरकारी सिस्‍टम से नौकरी पाने में असफल और हताश युवाओं को अब परेशान और निराश होने की जरूरत कतई नहीं है। अगर आप थोड़ा हुनर रखते हैं तो नौकरी देने वाला नियोक्‍ता आपका इंतजार कर रहा है। नौकरी थोड़ा रिस्‍की है, लेकिन कहां रिस्‍क नहीं है भला? इस नौकरी के लिए आपको जरा सी चोरी और जहरखुरानी आनी चाहिए, बस! इत्‍ती सी काम के लिए आपकी हर महीने पगार मिल जाएगी, वो भी नकद। ना टैक्‍स का टेंशन ना जीएसटी का डर।

दरअसल, जनपद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन रेलवे स्टेशन पर मुगलसराय जीआरपी औरआरपीएफ ने संयुक्त ऑपरेशन में ट्रेनों में जहरखुरानी के साथ-साथ यात्रियों के सामानों की चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ा। इसमें सरगना सहित चार चोरों शामिल थे। इनके पास से चोरी के 4 लैपटॉप, एक दर्जन कीमती एंड्रॉयड मोबाइल फोन, लगभग 350 ग्राम नशीला पाउडर व नगदी बरामद हुआ। इस गिरफ्तारी में खास बात यह रही कि चोरी-चकारी का कार्य करने वालों को गिरोह सरगना द्वारा मासिक वेतन दिया जाता था। इस वेतन के बदले उनसे चोरी का काम लिया जाता था।

जी हां, यह सुनने में आपको जरूर अजूबा लगेगा, लेकिन यह बिल्कुल हक़ीक़त है।  बताते चलें कि पूर्व मध्य रेलवे का मुगलसराय जंक्शन वर्तमान में परिवर्तित नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन भरतीय रेलवे का प्रमुख स्टेशन माना जाता है। यहां से प्रतिदिन लगभग 200 ट्रेने गुजरती हैं। आए दिन ट्रेनों में यात्रियों के सामान चोरी होने की घटनाएं आम बात हो चुकी हैं। कारण यह कि  स्थानीय रेलवे स्टेशन पर लगभग सभी ट्रेनों का ठहराव 15 से 20 मिनट तक का होने के कारण यात्रा के दौरान चोरी का शिकार हुए यात्रियों को यहां एफआईआर कराने में सहूलियत होती है।

इधर कई दिनों से आरपीएफ और जीआरपी के ड्यूटीरत जवानों को एक सामान्य सा दिखने वाला व्यक्ति कई बार अलग-अलग ट्रेनों से कभी बैग, कभी अटैची तो कभी ट्रॉली बैग के साथ स्थानीय स्टेशन से उतरकर बाहर निकलता दिखाई पड़ रहा था। शंका होने पर रात लगभग 10.15 बजे प्लेटफार्म संख्या 04 के पश्चिमी छोर से उक्त व्यक्ति को जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह और आरपीएफ की सीआईबी विंग के प्रभारी निरीक्षक आरआर सहाय, वेस्ट पोस्ट प्रभारी निरीक्षक बीएन मिश्र ने अपनी टीम के साथ पकड़ लिया।

थाने लाकर जब उसकी जमा तलाशी ली गयी तो उसके पास से 7 कीमती मोबाइल, 02 लैपटॉप, 5100 रुपये नगदी व 125 ग्राम नशीला पाउडर बरामद हुआ। जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम गोपाल वर्मा उर्फ राजू पुत्र स्व. लक्ष्मीनारायण प्रजापति निवासी-डी-17/87 दशाश्वमेध, वाराणसी बताया। उससे पूछताछ में मिली जानकारी के बाद रविवार की अलसुबह 1.45 बजे प्लेटफार्म संख्या 01 के पूर्वी छोर, क्रू सेल के पास से उसके गिरोह के तीन अन्य शातिर चोरों को चोरी के समान और नशीला पाऊडर के साथ हिरासत में लिया गया।

कोतवाली लाकर जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की गई तीन अन्य चोरों में हरेंद्र जायसवाल पुत्र स्व. वीरन जायसवाल निवासी-बावली रोड, तुलसीनगर थाना पडरौना, ज़िला-कुशीनगर, दीनबंधु जायसवाल पुत्र स्व.दुक्खी जायसवाल, निवासी-नवका टोला, वियरा जटानपुर थाना कुबेर, जिला कुशीनगर व रामकुमार ऊर्फ बंगाली डोम ने बताया कि वे लोग गोपाल वर्मा ऊर्फ राजू के लिए कार्य करते हैं। उन्हें इस कार्य के लिए राजू द्वारा 15 हजार रुपये प्रति महीने बतौर वेतन मिलता है।

तीनों के पास से 21800 रुपये नगदी, 6 एंड्रॉयड मोबाइल व 230 ग्राम नशीला पाउडर बरामद किया गया। तीनों चोरों से पूरी जानकारी के बाद जब उक्त गिरोह के सरगना गोपाल वर्मा उर्फ राजू से पुनः पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह मूलरूप से वाराणसी के दशाश्वमेध का रहने वाला है। तीन वर्ष पूर्व तक वह छोटी दूकान चलाकर भरण पोषण किया करता था। इसी बीच वह पडरौना के तड़कुलवा माई के मेले में गया हुआ था, जहां हरेन्द्र व दीनबंधु से उसकी मुलाकात हुई। दोनों पॉकेटमारी, चोरी करते थे। उन्हें लेकर वाराणसी आया और वाराणसी क्षेत्र के कुछ अन्य चोरों को मिलाकर ट्रेनों में चोरी का कार्य करना शुरू कर दिया। यह लोग चोरी करके सामान लाते थे जिसे लेकर राजू वाराणसी ले जाकर उसको ठिकाने लगा देता था।

राजू ने बताया कि अच्छी आमदनी होने लगी तो उसने सभी को 15 हजार रुपये महीने बतौर वेतन पर रखकर कार्य करवाने लगा। एक बार वह वाराणसी में चोरी में जेल भी गया था। अन्य अभियुक्तों की क्रिमिनल हिस्ट्री खंगाली जा रही है। इस बाबत जीआरपी प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि पूछताछ में और भी सुराग हाथ लगे हैं। इसके कुछ और साथी हैं उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जल्द ही कुछ और चोरी के सामानों की बरामदगी होने की संभावना है।

जीआरपी ने कानूनी कार्रवाई कर सभी को जेल भेज दिया। टीम में आरपीएफ ओर जीआरपी प्रभारी निरीक्षकों के अलावे अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक जीआरपी राजेश कुमार,एसआई जंगबहादुर सिंह, एसआई आरपीएफ वेस्ट पोस्ट गणेश सिंह राणा, मो.असलम खान, आरक्षी जीआरपी अभिषेक पांडेय, रंगबहादुर गुप्ता, विनोद चतुर्वेदी, अनिल यादव, शशांक शेखर यादव आदि शामिल रहे।

मुगलसराय से राजीव गुप्‍ता की रिपोर्ट.