अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस “नैमिषारण्य अतिथि भवन का सीएम ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नवनिर्मित “नैमिषारण्य राज्य अतिथि गृह, लखनऊ” का लोकार्पण किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश, भारत की आध्यत्मिक ऊर्जा का केंद्र है। इस प्रदेश में भारत की आत्मा बसती है। इसी सनातन भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने अपने सभी राज्य अतिथि गृहों का नामकरण किया है।

लखनऊ के मीराबाई मार्ग स्थित राज्य अतिथि गृह का नाम सरयू है तो डालीबाग विशिष्ट अतिथि गृह को यमुना नाम दिया गया है। लखनऊ में ही महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित अति विशिष्ट अतिथि गृह को साकेत और विक्रमादित्य मार्ग के राज्य अतिथि गृह को गोमती नाम से जाना जाएगा तो दिल्ली के यूपी भवन को संगम, यूपी सदन को त्रिवेणी, कोलकाता स्थिति राज्य अतिथि गृह को गंगा और मुंबई स्थित अतिथि गृह को वृंदावन नाम दिया गया है। नवनिर्मित नैमिषारण्य विशिष्ट अतिथि गृह का अवलोकन करते हुए सीएम ने कहा परिसर में मां ललिता के चित्र लगाए जाने पर खुशी जाहिर की, साथ ही कहा कि यहां नैमिषारण्य धाम का भी चित्र लगाया जाए।

नैमिष धाम में हमारे वैदिक-पैराणिक ग्रंथों को लिपिबद्ध किया है, उनका वाचन किया गया। इस अतिथि गृह में आने वाले गणमान्य जनों को नैमिषधाम की पुण्य भूमि से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए। लोकार्पण समारोह में सीएम ने कहा कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, न्यायमूर्ति गणों के प्रोटोकॉल का अनुरूप इस नवनिर्मित अतिथि गृह में सभी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। सीएम ने राज्य सम्पत्ति विभाग को अतिथि गृहों के व्यवस्थित संचालन के लिए सभी जरूरी इंतजाम रखने के निर्देश भी दिए।