सोनभद्र हत्‍याकांड : सीएम ने की बड़ी कार्रवाई, डीएम-एसएसपी हटाये गये

: एस राजलिंगम डीएम तथा प्रभाकर चौधरी नये एसएसपी बनाये गये : समितियों के नाम हुए जमीनों की जांच करेंगी अपर मुख्‍य सचिव : एसआईटी करेगी पूरे मामले की जांच : लखनऊ। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को सोनभद्र जिले के उम्‍भा गांव में हुए नरसंहार मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएम और एसएसपी को तत्‍काल प्रभाव से हटाने के बाद इस मामले के लिये जिम्‍मेदार वर्तमान एवं रिटायर हो चुके अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। हटाये गये डीएम और एसएसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी। इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

अपर मुख्‍य सचिव रेणुका कुमार के नेतृत्‍व में गठित तीन सदस्‍यीय कमेटी की एक हजार पेज की रिपोर्ट सीएम को सौंपे जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इस टीम में प्रमुख सचिव श्रम सुरेशचंद्रा विंध्‍यांचल मंडल के कमीश्‍नर एके सिंह शामिल थे। सोनभद्र के डीएम अंकित कुमार अग्रवाल और एसएसपी सलमान ताज पाटिल को हटा दिया गया है। इनके स्‍थान पर एस रामलिंगम को सोनभद्र का डीएम तथा प्रभाकर चौधरी को नया एसएसपी बनाया गया है। नवनियुक्‍त डीएम और एसपी को सरकार ने हेलीकाप्‍टर से भेजकर चार्ज दिलवाया।

इसकी जानकारी खुद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने प्रेस कांफ्रेंस कर के दी। डीएम और एसएसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ 1989 में राबर्टर्सगंज के एसडीएम, तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। मौजूदा एसडीएम, सीओ, सहायक परगना अधिकारी, एसओ, एसआई, सहायक निबंधक संस्पेंड किये गये हैं। सीएम ने बताया कि  इस मामले में जितने भी जिम्मेदार जीवित हैं, सब पर मुकदमा दर्ज होगा।

बताया जा रहा है  कि कोर्ट के आदेश के बिना प्रधान का साथ देने वाले अरुण प्रकाश SP पर भी कार्रवाई होगी। इनके साथ गलत ढंग से जमीन अपने नाम कराने वाले दो पूर्व आईएएस अधिकारियों की पत्नियों के खिलाफ भी मुकदमा होगा। सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने बताया कि पूरे मामले की जांच डीआईजी एसआईटी जे रविंद्र गौड़ के नेतृत्‍व में होगी। तीन महीने में इस पूरे मामले में दर्ज किये गये मुकदमेकी जांच कर एसआईटी को रिपोर्ट देनी है।

सोनभद्र घटना में अब तक 8 बड़े अधिकारियों को हटाया गया है। डीएम, एसएसपी के अलावा एडिशनल एसपी, 3 सीओ, एसडीएम एवं एक राजस्‍व अधिकारी शामिल है। नॉन गजटेड अधिका‍रियों में तीन इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर, दो सिपाहियों समेत 7 पर पर कार्रवाई की गई है। माना जा रहा है कि एसआईटी जांच के बाद कई अन्‍य अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी।

मुख्‍यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस के तत्कालीन एमएलसी ने फर्जी सोसाइटी गठित करवाई, जिसमें उनके 12 रिश्तेदार थे। उसी फ़र्ज़ी सोसाइटी के नाम गलत तरीके से भूमि दर्ज कराई गई। कांग्रेस एमएलसी बिहार के रहने वाले थे। सोसाइटी में जो भी जीवित सदस्य हैं, उनके नाम एफआईआर होगी। कुल तेरह सौ बीघा जमीन आदर्श सेवा समिति के नाम की गई थी, इस पर कारवाई कर यह जमीन सरकारी दस्‍तावेज में ग्राम पंचायत के नाम दर्ज की जायेगी तथा भूमिहीनों को  दिया जायेगा।

उन्‍होंने बताया कि सोनभद्र और मिर्जापुर में एक लाख हेक्टेयर से अधिक की सरकारी तथा वन भूमि फ़र्ज़ी सोसाइटी गठित करके हड़पने का काम किया गया। इसमें से अधिकाँश फर्जीवाड़ा कांग्रेस के समय हुआ है। ज्‍यादातर संपत्तियां कांग्रेस नेताओं की है।  जाँच समिति तीन महीने में अपनी रिपॉर्ट देगी,  जिसके बाद  आईपीसी की धाराओं में अवैध कब्जा मामले में कार्रवाई होगी। इस समितियों की जांच के लिये अपर मुख्‍य सचिव रेणुका कुमार की अध्‍यक्षता में छह सदस्‍यीय टीम गठित की गई है, जो पिछले 60-70 सालों के मामलों की जांच करेगी।