यूपी में कोरोना मरीजों का इलाज जल्द ही प्लाज्मा थेरेपी से होगा : योगी आदित्यनाथ

plasma

मनोज श्रीवास्तव

: यूपी में 1 करोड़ लोगों ने आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड किया, रमजान के समय सहरी और रोजा इफ्तार घर पर ही करें : लखनऊ। कोरोना वायरस के संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को प्रदेश में प्लाज्मा थेरेपी को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है। जिस पर उन्हें अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 2 जगह प्लाज्मा थेरेपी पर काम चल रहा है।

इसके अलावा लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में भी इस पर काम शुरू कर दिया गया है। वह आज लॉकडाउन के दूसरे चरण और प्रदेश में चिन्हित हॉटस्पॉट की समीक्षा किये हैं। इसके साथ ही सीएम योगी ने लॉकडाउन का सख्ती व गंभीरता से पालन करने के लिए प्रदेशवासियों से अपील की है।

मुख्यमंत्री द्वारा लॉकडाउन के दूसरे चरण की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। मंगलवार को भी टीम 11 के सदस्यों के साथ बैठक कर कई निर्देश दिए। उन्होंने कोविड केयर के लिए प्रदेश के लेवल—1, लेवल—2 और लेवल—3 के अस्पतालों में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की हर हालत में उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश के अस्पतालों में कई दिनों से आपातकालीन सेवाएं बंद थी। अब कई सरकारी अस्पतालों में इस सेवा को शुरू करा दिया गया है। सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित अस्पतालों में ही आपातकालीन सेवा का उपयोग करें।

योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से पुलिसबल, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण से खुद को बचाने के लिए कहा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मानक के अनुरूप पीपीई और मास्क व सेनीटाइजर की व्यवस्था अस्पतालों में उपलब्ध करा दी जाए।प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक स्मार्ट फोन एक्टिव हैं, जिनमें से 1 करोड़ लोगों ने आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड कर लिया है। उन्होंने बताया कि अब तक इस ऐप से 150 से 200 अलर्ट भी प्राप्त हुए हैं। जिनका संज्ञान लेकर कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि कोटा से आए बच्चों पर सीएम हेल्पलाइन से निगरानी रखी जाए। सीएम योगी ने रमजान के मौके पर अधिकारियों को विशेष हिदायत देते हुए कहा है कि आवश्यक सामग्री की डोर स्टेप डिलीवरी कराई जाए। योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि रमजान के समय सहरी और रोजा इफ्तार घर पर ही करें। इसके अलावा अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय आवागमन को रोकने और सख्ती से निगरानी करने का आदेश दिया है। झांसी व ललितपुर में कई लोग कंटेनरों में बैठकर सीमा पार कर रहे थे। जिन्हें पुलिस द्वारा पकड़कर क्वारंटीन करा दिया गया है। गाजियाबाद और नोएडा प्रशासन द्वारा दिल्ली बार्डर से आने वालों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि केवल मालवाहक वाहनों, डॉक्टरों और आवश्यक वस्तुओं के आवागमन को ही रियायत दी जाए।

उनके निर्देश पर एक्सप्रेस वे, हाईवे और अन्य निर्माण कार्य शुरू करा दिए गए हैं।  पूर्वांचल, बुदेंलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण फिर से शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का कार्य 45 प्रतिशत पूरा हो गया है। वर्तमान समय में इसके निर्माण में 4835 मजदूर लगे हैं। वहीं बुदेंलखंड एक्सप्रेव वे के निर्माण में 2150 मजदूर लगे हैं, हालांकि यहां औसतन 6000 मजदूर की जरूरत होती है। इसके अलावा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के निर्माण में 488 मजदूर लगे हैं। इस तरह करीब 7500 मजदूरों को रोजगार देने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 1000 अन्य लोगों को भी इन एक्सप्रेस वे के निर्माण से रोजगार मिला है।