सही वक्त पर किया सही फैसला

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राज बहादुर सिंह

: एलेस्टर कुक ने क्रिकेट को कहा अलविदा : न तो वह डेविड गावर जैसा स्टायलिश बल्लेबाज था और न ही वॉली हैमंड जैसी आक्रामकता उसमें थी। फिर ऐसा क्या था कि वह शख्स इंगलिस्तान की तारीख में सबसे कामयाब बल्लेबाज बना। ख़ूबियों में न सही स्टैटिस्टिक्स में तो बेशक। कई उप्लब्धियीं के साथ।

और इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के लिए सही वक्त चुना हालांकि उम्र केवल 34 की है और कैरियर केवल 12 साल का। कामयाब बल्लेबाज के लिए 34 की उम्र आसानी से कम से कम दो से तीन साल और आगे जा सकती थी। बहरहाल थोड़ा इंतिजार और करते तो फिर आलोचना तो होती ही और कौन जाने सेलेक्टर्स ही बाहर का रास्ता दिखा देते।

जी हां। बात इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलेस्टर कुक की हो रही है जो भारत के खिलाफ ओवल में अपना आखिरी टेस्ट खेलेंगे। ओडीआई से तो वह पहले ही बाहर चल रहे थे। बीते दो साल से भी ज्यादा समय से उनका फार्म बढ़िया नहीं चल रहा था। टेस्ट में प्रति पारी उनका औसत 50 से ऊपर होता तो जो गिरते गिरते 44-45 का रह गया है।

बहरहाल महानता कई खिलाड़ियों के मामले में आंकड़ों से नहीं देखी जाती लेकिन कईयों के मामले में आंकड़े ही महानता का निर्धारण करते हैं। कुक दूसरी श्रेणी में आते हैं। पहली बार मैंने कुक को खेलते देखा तो लगा जैसे खेल नहीं बैटल फील्ड में जूझ रहे हैं।

दरअसल यही खूबी थी और यही पूंजी थी कुक की जिसने दर्शनीय बल्लेबाजी न होने के बावजूद उनको इफेक्टिव और महान बना दिया। वह विकेट पर जूझते रहते थे। बार बार बीत होने के बावजूद एकाग्रता बनाए रखने की जद्दोजहद करते रहते थे। भारत में 2012 में उनकी बल्लेबाजी उनकी इन ख़ूबियों का ज्वलंत उदाहरण था।

कुक के नाम कई रिकॉर्ड हैं जिनमें लगातार 159 टेस्ट खेलना उनकी बेमिसाल फिटनेस को दर्शाता है। सबसे कम उम्र में टेस्ट में 12 हजार रन बनाना और इंग्लैंड की 50 टेस्ट विक्टरीज़ में शामिल होना गौरवान्वित करने वाला है। इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट रन और शतक लगाने का रिकॉर्ड तो है ही उनके नाम। स्लिप के बेहतरीन फील्डर हैं और हर मैच में एक से ज्यादा कैच पकड़ने के औसत के साथ 170 कैच उनके नाम हैं।

अलबत्ता ओडीआई उन्हें कदरन कम रास आया और उन्होंने केवल 92 मैच खेले हालांकि पांच शतक के साथ प्रति पारी औसत 37 का रहा। बहरहाल अब ओवल टेस्ट के बाद एलेस्टर कुक मैदान पर दिखाई नहीं देंगे। एक महान खिलाड़ी की विदाई का गवाह बनेगा ओवल। उम्मीद करते हैं कि आखिरी मैच में एलेस्टर कुक कुछ ऐसा करेंगे जो उनके सुनहरे कैरियर में एक और गोल्डन चैप्टर जोड़ेगा।