ग्राम प्रधान की शिकायत करने वाले युवक की पुलिस कस्‍टडी में पिटाई (देखें वीडियो)

राजीव गुप्‍ता

: स्‍थानीय लोगों ने घंटों लगाया जाम : जांच टीम पर प्रधान से पैसे लेकर मामला रफा-दफा करने का आरोप : चन्दौली। एकतरफ नक्सल प्रभावित क्षेत्र नौगढ़ में शासन और प्रशासन लोगों का दिल जीतने व नक्सलियों को मुख्य धारा में लाने के लिये प्रयास कर रही है तो दूसरी तरफ कुछ पुलिसकर्मी इस विश्‍वास को तोड़ने में जुटे हुए हैं। नौगढ़ में शुक्रवार को शासन और पुलिस का चेहरा एक बार फिर दागदार हुआ। पुलिस ने कस्‍टडी में लेकर एक युवक को इतना पीटा की वह मरणासन्‍न हो गया।

पुलिस की इस अमानवीय कार्रवाई के खिलाफ सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। पुलिस की गुंडागर्दी से नाराज लोग लगभग सात घंटे तक सड़क जाम कर नौगढ़ कस्‍बों की गतिविधियां ठप कर दीं। नागरिक डीएम और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। देर सायं क्षेत्राधिकारी नौगढ़ के समझाने तथा आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई के आश्‍वासन पर जाम खत्‍म किया।

मामला कुछ इस प्रकार है। नौगढ़ तहसील क्षेत्र के बाघी ग्रामसभा के प्रधान प्रभुनारायण जायसवाल के विरुद्ध जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर उसी ग्रामसभा के प्रदीप केशरी ने विकास कार्यों में गबन का गंभीर आरोप लगाए थे। प्रदीप जांच के बाद कार्रवाई की मांग की थी। इस पर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने टीम का गठित कर जांच के लिए बाघी भेजा था।

आरोप है कि जांच टीम में आये सहायक अभियंता डीआरडीए  सुरेशचंद्र अस्थाना व सहायक निदेशक मत्स्य बीएन सिंह ग्राम सभा बाघी गए। बिना जांच किए ही प्रधान के लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से हंगामा करवाया ताकि जांच टीम ग्रामसभा में जांच नहीं कर सके। इसके बाद जांच टीम बिना कोई जांच किए आरोपी प्रधान और उसके समर्थकों के साथ थाने पहुंच गई।

इसी बीच शिकायतकर्ता प्रदीप केशरी को नौगढ़ थाने पर बुलवाया गया। प्रदीप अपने साथ आशीष कुमार गुप्ता उर्फ दीपक गुप्ता को लेकर थाने पहुंचा। आरोप है कि जांच टीम द्वारा दोनों के विरुद्ध गाली देने और जांच में अवरोध पैदा करने का आरोप लगाकर तहरीर दी गई, जिसपर थानाध्यक्ष टीबी सिंह ने दोनों को हिरासत में ले लिया।

इसकी सूचना जैसे ही बाघी गांव तथा नौगढ़ के लोगों को लगी लोग गुस्से में आ गये। लगभग 4 से 5 सौ की संख्या में नौगढ़ थाना पहुंच गए और शिकायतकर्ता तथा दीपक गुप्ता को छोड़ने तथा ईमानदारी पूर्वक जांच की मांग करने लगे। जब पुलिस ने दोनों को नहीं छोड़ा तो लोग सड़क पर उतर गए और सड़क जाम कर नारेबाजी करने लगे।

इसकी जानकारी लगते ही क्षेत्राधिकारी नक्सल ऑपरेशन नौगढ़ नीरज सिंह वहां पहुंचे और हिरासत में लिए गए युवकों को रिहा करवाया तथा जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा देकर जाम समाप्त करवाया। इस दौरान शिकायतकर्ता प्रदीप केशरी की हालत अचानक खराब होने लगी। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान नजर आए। प्रदीप ने बताया कि पुलिस ने उसे बुरी तरह पीटा है।

लोगों के पूछे जाने पर प्रदीप ने बताया कि धनंजय मिश्रा नामक उपनिरीक्षक ने वर्दी फाड़ने का गलत आरोप लगाकर बुरी तरह पिटाई की है। इसके कारण प्रदीप केशरी बेहोश हो जा रहा था। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भेजकर लोग फिर सड़क जाम कर दिए और डीएम तथा एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे।

ग्रामीणों का कहना था कि जब तक दोषी पुलिस कर्मी तथा जांच टीम के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होगी वह सड़क से नहीं उठेंगे। स्‍थानीय लोगों का आरोप था कि जांच के लिए आई टीम और नौगढ़ पुलिस ने आरोपी प्रधान से मोटी रकम लेकर योजनाबद्ध तरीके से प्रधान व उसके लोगों द्वारा पहले हंगामा करवाया और इसके बाद शिकायतकर्ता को बुलाकर उल्टे उसे ही फंसा कर हिरासत में ले लिया।

ग्रामीण बिना कार्रवाई हुए जाम हटाने को तैयार नहीं थे। लगभग 7 बजे सायं क्षेत्राधिकारी नीरज सिंह ने धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों से लिखित तहरीर लेकर जांचोपरांत कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा जाम समाप्‍त कराया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जांच टीम के तरफ से भी शिकायतकर्ता प्रदीप केशरी और आशीष कुमार गुप्ता उर्फ दीपक गुप्ता के विरुद्ध लिखित तहरीर ले रखी है।

इधर, प्रदीप की हालत बिगड़ते देख डाक्‍टरों ने उसे नौगढ़ से चकिया संयुक्‍त चिकित्‍सालय भेज दिया। सुबह होने पर डाक्‍टरों ने उसे छुट्टी दे दी, लेकिन नौगढ़ आने पर प्रदीप की हालत फिर बिगड़ गई। उसे नौगढ़ में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।

इस बाबत पुलिस उपाधीक्षक आपरेशन नक्सल नौगढ नीरज सिंह ने बताया कि सहायक अभियंता डीआरडीए  सुरेशचन्द्र अस्थाना व सहायक निदेशक मत्स्य बीएन सिंह  द्वारा जांच में व्‍यवधान उत्पन्न करने संबंधित प्रार्थना पत्र  तथा शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार केशरी को नौगढ थाने के एसआई धनंजय मिश्रा दा्रा पिटाई किए जाने संबंधित तहरीर मिली है। इसकी जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।