दुर्गापूजा महोत्‍व को लेकर संशय, नहीं मिली अनुमति, सोमवारी बाजार में लग रहा मेला

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  • दुर्गापूजा महोत्सव में शासन प्रशासन डाल रही अड़चन
  • पूजा के लिए अनुमति आवेदन के बावजूद नहीं मिली अनुमति
  • पूजा की अनुमति नहीं लेकिन सोमवारी बाजार में लग रहा मेला
  • लोगों ने शासन प्रशासन पर लगाया दोहरे चरित्र का आरोप

चंदौली : जनपद के पीडीडीयू नगर में शासन प्रशासन का दोहरा चेहरा और चरित्र देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां शारदीय नवरात्र में लोगों को दुर्गापूजा करने व मेला आदि पर जिसमें बहुतेरे गरीबों को रोजगार मिलती थी उसपर रोक लगाई जा रही है तो दूसरी तरफ नगर में प्रत्येक सोमवार को लगने वाला हाट/सोमवारी बाजार शासन प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहे हैं। या यह कहना कहीं से गलत नहीं होगा की यह हाट शासन-प्रशासन की मौन स्वीकृति से लग रहा है।

विदित हो कि kovid 19 महामारी के कारण सरकार के निर्देश पर सभी धार्मिक कार्यक्रमों सहित मेला व भीड़भाड़ वाले व्यवसायिक कार्यक्रमों, वैवाहिक आयोजनों पर रोक लगाई गई थी।

जैसे-जैसे लॉकडाउन खोलने के निर्देश आते गये वैसे-वैसे लोगों ने उसका पालन भी किया। वर्तमान समय में लॉकडाउन के निर्देशों के तहत दुर्गापूजा के लिए जारी किए गए निर्देशों के तहत जिलाधिकारी से अनुमति लेने का निर्देश है वहीं मेला आदि पर रोक के भी निर्देश हैं।

बावजूद इसके पूजा कमेटियों की माने तो लोगों ने पूजा के लिए अनुमति हेतू आवेदन भी किया है लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली। ऐसे में लाठ नंबर 1 और लाठ नंबर 2 के पुराने पूजा स्थलों पर कमेटी के लोगों ने छोटी छोटी मूर्तियां स्थापित कर पूजा का कार्यक्रम प्रारंभ कर दिया था।

लेकिन बीती सायं कुड़ाबाजार चौकी पुलिस ने उन मूर्तियों को वहां से हटवा दिया। जिससे लोगों में रोष के साथ ही उनलोगों की धार्मिक आस्था भी आहत हुई है। ऐसे में लोगों का कहना है कि आखिर पूजा पर ही रोक क्यों ?

सोमवारी बाजार/ हाट पर रोक क्यों नहीं ? आखिर सोमवारी बाजार से क्या कोरोना का फैलने का खतरा नहीं है ? मेला की तरह भीड़ हो रहे सोमवारी बाजार पर शासन प्रशासन मेहरबान क्यों है ?

नगर के व्यवसायियों की माने तो सोमवारी बाजार में अधिकांश लोग बाहर से आकर यहां हाट लगाते हैं। जिससे नगर के बेरोजगार लोगों का व्यवसाय छिनने के साथ ही नगर के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

नगर के कुछ बुद्धिजीवियों ने विधायक साधना सिंह से वार्ता कर पूजा की अनुमति शासन प्रशासन से दिलाये जाने के साथ ही सोमवारी हाट को बंद कराए जाने की भी मांग की है।

अब देखना यह है कि दुर्गापूजा का आयोजन नगर में हो पायेगा और सोमवारी हाट बाजार को बंद किया जाता या नहीं।