टांडाकला के होम्योपैथिक डॉक्टर अरुण शर्मा का एक सप्ताह बाद गंगा किनारे मिला शव

चंदौली, बलुआ थाना क्षेत्र के टांडाकला निवासी होम्योपैथिक चिकित्सक अरूण शर्मा का शव हत्या के आठ दिन बाद शनिवार को नादी गांव के पास नदी किनारे क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। ग्रामीणों ने देखा तो कुत्ते शव को नोंच रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतक के भाई विनोद शर्मा ने इनर और अंगूठी के जरिए शव की शिनाख्त की। इसके साथ ही पुलिस ने अपना खोजी अभियान बंद कर दिया।
टांडाकला गांव निवासी अरूण शर्मा की बीते 30 जनवरी को हत्या कर दी गई थी। आरोपितों ने कैथी बंदरगाह के समीप शव को नदी में फेक दिया था। इस मामले में पुलिस मृतक की आरोपित पत्नी और उसके प्रेमी को जेल भेज चुकी है जबकि तीसरे आरोपित की तलाश जारी है। बहरहाल डाक्टर के शव की बरामदगी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी। नाराज ग्रामीणा बलुआ थाने का घेराव तक कर चुके थे। पुलिस गोताखोरों की मदद से आरोपितों द्वारा बताए गए स्थान पर गंगा नदी में लगातार शव की तलाश करवा रही थी। लेकिन शनिवार को कैथी घाट से तकरीबन दस किलोमीटर दूर नादी गांव के समीप ग्रामीणों ने नदी किनारे शव को देखा तो पुलिस को सूचना दी। आवारा कुत्ते शव को नोंच रहे थे और तकरीबन पूर सिर गायब था। शव के नाम पर केवल कंकाल बचा था। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और परिवार के लोगों को सूचना दी। मृतक के भाई विनोद शर्मा पहुंचे और हाथ की हड्डी में फंसी अंगूठी के आधार पर शव की शिनाख्त की। इसके साथ ही गांव वालों के साथ परिजनों की अपने चहेते चिकित्सक को अंतिम बार देखने की इच्छा भी पूरी हो गई। लोगों की नजरें पिछले एक सप्ताह से गंगा की लहरों में डूबते-उतराते गोताखोरों पर टिकी थीं। चाौकी प्रभारी मारुफपुर प्रशांत सिंह ने बताया कि शव की शिनाख्त हो चुकी है। अब पुलिस आगे की कार्यवाही करेगी।