आगरा एक्‍सप्रेस वे के भ्रष्‍टाचार की कलई खुली, धंसे सर्विस लेन में गिरी एसयूवी

: बाल-बाल बचे कार सवार : आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल के निर्देशन में बना था एक्‍सप्रेस वे : निर्माण पर लगे भ्रष्‍टाचार के आरोप : लखनऊ : अखिलेश यादव सरकार के कार्य काल में निर्मित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे में भ्रष्‍टाचार की कलई खुल गई। बुधवार की सुबह अचानक आगरा के पास सर्विस लेन धंस गई। इसी सड़क पर रफ्तार से आ रही रही एक एसयूपी सर्विस लेन गड्ढे में जा गिरी और पचास फीट गड्ढे के बीच में अटक गई। कार में चार लोग सवार थे।

गनीमत यह रही कि कार सीधी ही गड्ढे में जाकर फंस गई, जिससे कार में बैठे लोग सुरक्षित बचे रह गए। इन्‍हें स्‍थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला जा सका। यह खतरनाक हादसा आगरा के डौकी क्षेत्र के वाजिदपुर पुलिया पर हुआ। कार सवार मुंबई से कार खरीदकर कनौज्‍ज लौट रहे थे। यह लोग मूल रूप से कन्‍नौज के रहने वाले हैं।

कार सवार रचित ने मीडिया को बताया कि उनके साथ परिवार के तीन और लोग थे। वे सभी मुंबई से एक एसयूवी खरीदकर वापस कन्‍नौज लौट रहे थे। उन लोगों को रास्ते के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी, इसलिए जीपीएस की मदद से वे एक्सप्रेस-वे पर चल रहे थे। इसी दौरान अचानक मोबाइल नेटवर्क चला गया और जीपीएस लॉस्ट हो गया। इसके चलते वह लोग सर्विस लेन पर पहुंच गए।

रचित ने बताया कि खाली सड़क पर गाड़ी की रफ्तार तेज थी। सर्विस लेन पर उन्‍हें कोई गड्ढा भी नहीं दिखा। जब तक गड्ढा दिखा और ड्राइवर ब्रेक लगाता कारण गड्ढे के भीतर गिर चुकी थी। पचास फीट गड्ढा देखकर कार सवारों के होश उड़ गए। यह गनीमत रही कि कार गड्ढे के बीच जाकर सीधी अटक गई। अगर यह जरा भी टेढ़ी हो जाती तो कार सवारों का बचना मुश्किल था।

स्‍थानीय लोग मौके पर पहुंचकर कार सवारों को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। इस दौरान एक्‍सप्रेस वे पर अफरातफरी मची रही। बाद में क्रेन की मदद से कार को गड्ढे से बाहर निकलवाया गया। गौरतलब है कि सपा सरकार ने इस एक्‍सप्रेस वे को 22 महीने के रिकार्ड समय में बनवाया था। इसे बनाने में लगभग 1500 हजार करोड़ के आसपास लागत आई थी। आधे-अधूरे एक्‍सप्रेस वे का उद्घाटन सीएम अखिलेश यादव ने किया था।

गौरतलब है कि इस प्रोजेक्‍ट की शुरुआत और अंत भ्रष्‍टाचार के आरोपों के कलंक के साथ हुई। नवनीत सहगल के निर्देशन में बने इस एक्‍सप्रेस वे को लेकर शुरू से ही विवाद चलता रहा। आरोप लगा कि जिस एक्‍सप्रेस वे के प्रति किलोमीटर को एनएच 17-18 करोड़ में बनवाता है, नवनीत सहगल के नेतृत्‍व में यूपीडा ने इसे लगभग 30 करोड़ की लागत से बनवाया।

इधर, इस हादसे का मामला सामने आने के बाद यूपीडा ने थर्ड पार्टी एजेंसी को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा है। एजेंसी 15 दिनों के भीतर इस गड़बड़ी की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। यूपीडा के प्रेस नोट के मुताबिक एक्‍सप्रेस वे की निर्माण एजेंसी ही इस बहे सर्विस लेन के मरम्‍मत का कार्य अपने खर्च पर करेगी। यूपीडा ने एक्‍सप्रेस वे पर सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए हैं।