गंगा तथा तटवर्ती गांवों में हुये सुधार का अध्ययन करते चंदौली पहुंचे गोविंदाचार्य

देश की प्रगति में सज्जन शक्ति का बड़ा हाथ – गोविंदाचार्य
अध्ययन संवाद /प्रवास के दौरान दीनदयाल उपाध्याय नगर में गोविंदाचार्य का हुआ भव्य स्वागत

दीनदयालनगर : पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय स्वाभिमान परिषद् के संस्थापक संयोजक के एन गोविंदाचार्य मंगलवार को दीनदयाल उपाध्याय नगर पहुंचे। सर्वप्रथम उन्होंने वाराणसी से आने में दौरान पड़ाव स्थित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। तत्पश्चात दीनदयाल उपाध्याय नगर अंतर्गत परमार कटरा के सामने दीनदयाल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोगों से संवाद स्थापित किया।

इस अवसर पर उन्होंने देवप्रयाग से शुरू की गई यात्रा के बारे में बताया और आगे की योजनाओं की तरफ भी प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि समाज एवं राष्ट्र का कार्य गैर राजनीतिक तरीके से समाज सत्ता के सामर्थ्य से भी किया जा सकता है।

परिणाम स्वरूप अपना देश खड़ा हो सकता है। देश की वास्तविक उन्नति में सज्जन शक्ति का बड़ा हाथ होता है।

उन्होंने बताया कि 9 सितंबर 2020 को उनका अध्ययन अवकाश पूरा हो गया और अवकाश पूरा होने के 9 दिन पहले 1 सितंबर को उन्होंने गंगा यात्रा शुरू कर दी है।

यह यात्रा 2 अक्टूबर को गंगासागर पहुंचकर समाप्त होगी। इस यात्रा के दौरान गंगा तथा उससे जुड़े हुए गांव तथा नगरों में कितना सुधार हुआ है इसका भी अध्ययन करेंगे।

नगर के कार्यक्रम के पश्चात वह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 के पश्चिमी छोर स्थित यार्ड गए और 673/1276 नंबर के उस पोल पर फूल माला चढ़ाकर अपनी श्रद्धांजलि दीनदयाल जी को दी जिस जगह पर उनका पार्थिव शरीर प्राप्त हुआ था।

इस दौरान डॉ अनिल यादव,विनय वर्मा,चंद्रमोहन शर्मा, अनिल गुप्ता गुड्डू, संजय कनौजिया,अशोक सैनी,विजय यादव,शिवकुमार अग्रवाल,रामजी यादव,अशोक मालवीय,प्रभु नारायण यादव,अशोक पटेल,सिद्धार्थ यादव,अश्विनी पांडेय अर्जुन यादव,कुमार नंदजी,रोहित यादव,अनन्त यादव,नीलम चौहान, रिंकी यादव,हैप्पी सिंह उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के पश्चात गोविंदाचार्य जी बिहार के लिए बक्सर रवाना हो गए।