पर्यटन, रोजगार एवं विकास में महत्‍पूर्ण भूमिका निभा रहा है होटल उद्योग

विद्याधर पांडेय

: लोगों के रहन-सहन एवं घूमने-फिरने की आदत में बदलाव आया है : विदेशी मुद्रा अर्जन की भी संभावनायें मौजूद : पर्यटन, विकास और रोज़गार सृजन होटल उद्योग की भूमिका का सकारात्मक पहलू हैं। होटल उद्योग की कार्यशैली और उपयोगिता को देखते हुए अब इसे हॉस्पिटैलिटी उद्योग/सर्विस इंडस्ट्री भी कहा जाता है।

गौरतलब है, सारे विश्व में पर्यटकों, उद्यमियों का आना जाना होता है। लोगों की मानसिकता, जीवन शैली, स्वास्थ्य के प्रति सज़गता तथा उसके अनुरूप खान-पान, रहन-सहन में काफी बदलाव आते रहता है। हॉस्पिटैलिटी उद्योग/सर्विस इंडस्ट्री इसके प्रति अत्यंत संवेदनशील तथा सज़ग है तथा अपने उद्योग के संचालन में उन सारे मानकों का समावेश यथाशीघ्र अद्यतन करते हैं।

यह विचारणीय है कि जहाँ होटल में पहले काम करनेवाले एक खास तबके के लोग होते थे, अब बदले परिवेश में हर वर्ग के युवाओं में होटल उद्योग से जुड़ने का रुझान बढ़ गया है। भारत सरकार ने भी कुशल होटल प्रबंधन के लिए शिक्षण संस्थान खोले हैं। निजी क्षेत्र में भी होटल प्रबंधन संस्थान खोले हैं।

इन संस्थानों में हज़ारों हज़ार युवक युवतियाँ विभिन्न ट्रेड यथा फ्रंट आफिस, पाक कला, हाउस कीपिंग इत्यादि में डिप्लोमा या डिग्री हेतु प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और देश विदेश में रोजगार भी पाते हैं। यहाँ बताते चले कि ये युवा अपने अनुभव तथा कार्य कुशलता के आधार पर देश-विदेश में सम्मानजनक वेतन और अन्यान्य सुविधायें प्राप्त करते हैं।

होटल सिर्फ व्यवसाय नहीं, अपितु एक ऐसे उद्योग के रूप में विकसित हुआ है जहाँ “सेवा से अर्जन”, “होम अवे फ्रॉम होम” तथा अतिथि देवोभवः के सिद्धांत पर काम होता है। भारत वर्ष में विदेशी व्यंजन तथा विदेशों में भारतीय व्यंजन की लोकप्रियता भी इस उद्योग की खासियत है और रोजगार सृजन में अपनी विशेष भूमिका अदा करता है।

 

इनका वर्गीकरण करें तो विभिन्न प्रकार के उपलब्ध सेवाओं के आधार पर तारांकित और बजट होटल के नाम से जाना जाता है। तारांकित होटलों की मान्यता उनके द्वारा दी जानेवाली सुविधाओं के आधार पर प्रमाणित किया जाता है तथा उनका सर्वेक्षण समय-समय पर होता है। तारांकित की श्रेणियों के प्रमाणीकरण एवं निरीक्षण एक कमिटी द्वारा किया जाता है, जिसमें भारत सरकार और राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के उच्च पदाधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञ सम्मिलित होते हैं।

होटल का उत्कृष्ट निर्माण, स्थानीय सरकार से नियमानुसार सारी अनुज्ञप्तियों की उपलब्धता,  आवश्यक फैलाव, समुचिततथा मोहक प्रकाश व्यवस्था, झरने,  कमरों में अच्छे फर्नीचर, आधुनिक उपकरणों से लैस स्नानागार, टॉइलेट्रीज़, उत्कृष्ट रख रखाव, साफ सफाई, फ़ूड प्रोसेसिग और खाद्य पदार्थों के स्टोरेज हेतु अंतर्राष्टीय स्तर के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की उपलब्धता, वतानुकलन संयंत्र की क्षमता और संचालन के आधार पर होता है।

इसके अतिरिक्‍त अहर्निश विद्युत आपूर्ति, स्टैंडबाई पावर के लिए उपयुक्त क्षमता का पावर जेनरेटर, जल आपूर्ति की निजी व्यवस्था, कमरों में आवश्यतानुसार गर्म जल की आपूर्ति व्यवस्था,  पेयजल हेतु वाटर प्यूरिफिकेशन संयंत्र, वाटर कूलर,  लॉन, प्लांटेशन, हेल्थ क्लब, ड्राई क्लीनिंग लांड्री, पार्लर्स, स्वीमिंग पूल इस मानक का दूसरा पहलू होता है।

उपरोक्‍त के अलावा उत्सव हॉल, व्यंजनों की विविधता से युक्त रेस्टोरेंट्स, स्वच्छ और हवादार,   आधुनिक उपकरणों से युक्त रसोईघर, बर्तनों की सफाई और सर्विस एकीपमेंट की धुलाई तथा स्टारलाईजेशन की समुचित व्यवस्था,  किसी संस्थान से प्रोफेशनल योग्यता प्राप्त और आद्योगिक अनुभव से युक्त एक्सक्यूटिव शेफ, वेटर्स, कप्तान, सहायक प्रबंधक, प्रबंधक की उपलब्धता, हर स्तर पर योग्य और प्रशिक्षित पेशेवर द्वारा संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था, जिसमें अग्निशमन की समुचित व्यवस्था हो, इन्हीं मानकों के आधार पर किया जाता है।

साज़ सज्जा, रख रखाव,  कुशल कामगार, सर्विस स्टाफ, प्रशिक्षित हाउस कीपर्स, अंतराष्ट्रीय स्तर के स्वागत कक्ष, आकर्षक व्यक्तित्व वाले उपयुक्त परिधान से लैश मृदुभाषी स्वागतक, बिल क्लर्क, लेखा विभाग, उपकरणों तथा वातानुकूलन संयंत्रों के मरम्मती एवं रखरखाव हेतु कुशल इंजीनियर एवं तकनीशियन सर्व सुलभ होते हैं। कर्मचारियों तथा पदाधिकारियों को स्थानीय भाषा के साथ अंग्रेज़ी का ज्ञान आवश्यक है।

आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों की सोच, रहन सहन, खान-पान, घूमने फिरने की आदत में बेतहाशा बदलाव हुआ है। यात्रा को सुगम बनाने हेतु राष्ट्रीय /अंतरराष्ट्रीय ट्रेवल एजेंसियां यात्रियों के व्यय क्षमता के अनुरूप हवाई, रेल, सड़क परिवहन हेतु टिकट बुकिंग, होटलों के कमरे का आरक्षण इत्यादि की व्यवस्था में कार्यरत हैं। बदलते परिवेश में समुचित व्यवस्था ही इनका उद्देश्य है। आज होटल के अतिरिक्त सड़कों पर ढाबे का आधुनिकीकरण, फ़ास्ट फ़ूड जॉइंट की स्थापना और संचालन, वे साइड फैसिलिटी की उपलब्धता आवश्यक हो गयी है।

विश्वस्तरीय ख्यातिप्राप्त लोकप्रिय फ़ास्ट फ़ूड युवाओं की पहली पसंद है। सभी छोटे-बड़े शहरों, कस्बों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के फ़ूड उत्पादकों से अनुज्ञप्ति प्राप्त इकाईयाँ स्थापित हैं। क्विक लंच, कॉम्बो मील, पैक्ड मील इत्यादि की माँग से रोज़गार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। उद्योग का बहुआयामी होना, युवा उद्यमियों को रोजगार के समुचित अवसर प्रदान करते हैं।

इस उद्योग के बहुआयामी विकास से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ कर रोजगार प्राप्ति की असीम सम्भावनायें हैं। इस उद्योग में विदेशी मुद्रा कोष अर्जन, पर्यटन तथा रोज़गार में विकास की असीम सम्भावनायें हैं। इस उद्योग के विकास हेतु विशेष औद्योगिक नीति निर्धारण की आवश्यकता होगी।

लेखक होटल इंडस्‍ट्री क्षेत्र में चार दशक से सक्रिय हैं। इस इंडस्‍ट्री में आये बदलाव पर बेहद व्‍यापक नजरिया रखते हैं।