सकलडीहा क्षेत्र में जमीनी रंजिश में बरसीं गोलियां, अनिल राजभर समेत तीन घायल

चंदौली। जनपद के सकलडीहा तहसील अंतर्गत धीना थाना क्षेत्र के पिपरी (कुटिया) गांव में मंगलवार अपराह्न 2 बजे के करीब ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। मामला पुराने जमीनी विवाद को लेकर था। हथियारों से लैस एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी, जिसमे एक महिला समेत तीन लोग घायल भी हो गए। उक्त घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गयी। सूचना पाकर घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने तत्काल सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया जहां सभी खतरे से बाहर बताये जा रहे हैं। हालांकि गंभीर रुप से घायल शंकर राजभर को वाराणसी के बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर भेज दिया गया है। फिलहाल घायलों के परिजनों की लिखित तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपियों के गिरफ्तारी में जुट गयी है।

जानकारी के मुताबिक धीना थानाक्षेत्र के पिपरी (कुटिया) गांव निवासी मिश्री राजभर और सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के तुलसी आश्रम (नोनार) गांव निवासी रणजीत सिंह के बीच 2.5 बीघा जमीन का काफी पुराना विवाद है। जिसका मुकदमा एसडीएम, एडीएम और अपर जिला जज के न्यायालय में विचाराधीन है। मंगलवार को हुई घटना के बाबत भुक्तभोगी मिश्रीलाल द्वारा पुलिस को दी गयी लिखित तहरीर के मुताबिक वह अपने साथ गांव के ही आटा चक्की के पास अपने ससुर शंकर राजभर, पुष्पा राजभर, अनिल राजभर, बिजेन्दर राजभर व राजा राम राजभर के साथ जमीनी विवाद संबंधित वार्ता के लिए आये पुलिस के जवान मोतीलाल ओर होमगार्ड मुन्ना शर्मा से बातचीत कर रहे थे। तभी चार मोटरसाइकिल पर सवार 8 व्यक्ति आये जिनमे 5 लोगों के हाथ मे असलहे थे। रणजीत सिंह, अवधबिहारी सिंह, प्रदीप सिंह, रिंकू सिंह, शेरू सिंह सभी निवासी तुलसी आश्रम नोनार असलहे से लैस होकर मोटर साइकिल से उतरे।

इसी बीच उनके साथ आये घासी राजभर, विजयी राजभर तथा सुनील उर्फ शिवम ललकारते हुए बोला कि यही हैं मारो साले को। इसके बाद उनलोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। जिसमे शंकर राजभर, पुष्पा राजभर तथा अनिल राजभर को गोली लग गयी और वे लोग जमीन पर गिरकर तड़पने लगे। अन्य लोगों ने भागकर किसी प्रकार जान बचाई। वहीं लोगो को बचाने के चक्कर में वहां पहले से मौजूद पुलिस का जवान मोतीलाल मौर्य और होमगार्ड मुन्ना शर्मा को भी चोट लग गयी। असलहा लहराते हुए जाते वक़्त सभी यह कहते हुए गए कि अभी जो बचे हैं उसे भी मार दिया जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

आनन-फानन में अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ, क्षेत्राधिकारी सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय, सकलडीहा कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस तथा पीएसी के जवानों को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जहां से शंकर राजभर को बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर के लिए भेज दिया गया। इस बाबत क्षेत्राधिकारी सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि मिश्री राजभर व रणजीत सिंह के बीच जमीन सम्बन्धी 18 वर्ष पुराना विवाद चल रहा है। जिसमे मिश्री राजभर की ओर से उपजिलाधिकारी सदर, एडीएम, दीवानी सहित अन्य न्यायालयों में मुकदमा दर्ज किया गया है।

यही नही उस भूमि पर लंबे समय से मिश्री का कब्जा भी है। जो विवादित जमीन है वह मिश्री की बड़ी माता कमला देवी की है जिसका काफी दिनों पूर्व रणजीत ने बैनामा करवाया लिया है। वही उस जमीन का मिश्री के लिए वसीयतनामा भी दोनों पक्ष के पास है। जिससे न्यायालय में दोनों अपना-अपना पक्ष मजबूत कह रहे है। लेकिन तीन दिन पूर्व मिश्री ने उस जमीन में धान की फसल लगाई तो रणजीत को नागवार लगी थी। घटना में सिर्फ शंकर को गोली लगी है, लेकिन वह अब खतरे से बाहर है। मिश्रीलाल के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना कर दी गयी है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंचे एडिशनल एसपी देवेन्द्रनाथ दुबे ने मामले की जानकारी हासिल कर कार्य मे लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुये सत्यनारायण शुक्ला चौकी प्रभारी, कमालपुर को तत्काल लाइन हाज़िर कर दिया है। इस घटना से गांव में भय एव दहशत को देखते हुए एहतियात के तौर पर पीएसी व भारी संख्या में पुलिस बलों को लगा दिया गया है।