रेलवे में झूठी जानकारी देकर 35 साल नौकरी कर सेवा निवृत्त हुई महिला

उत्तर रेलवे के लोको कारखाने के एक कर्मचारी की मौत के बाद उसकी पत्नी गलत जानकारी देकर 35 साल तक नौकरी करती रही। उसने शादीशुदा व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली, लेकिन विभाग को सूचना नहीं दी और नौकरी पूरी कर रिटायर भी हो गई। इस मामले में कर्मचारी के पति की पहली पत्नी लोको कारखाने से लेकर पीएमओ तक गुहार लगा रही हैं।

लोको कारखाने में खलासी रहे अशोक कुमार पाल की साल 3.3.1984 में मौत के बाद उनकी पत्नी मधु को तीन मई 1984 को अनुकंपा के आधार पर जूनियर क्लर्क की नौकरी मिली थी। आरोप है कि 4 अक्टूबर 1984 को उसने हिंदू विवाह अधिनियम के विरुद्ध पहले से शादीशुदा राम अवध पाल से विवाह कर लिया। राम अवध की पहली पत्नी शम्भू अपने दो बेटों के साथ अलीगंज में रहती थी।

शम्भू का आरोप है कि पति के दूसरे विवाह की जानकारी पर रेलवे में शिकायत की, लेकिन अफसर टरकाते रहे। वहीं, मधु पाल का कहना है कि उनके ससुराल पहुंचने पर पता चला कि पति राम अवध पाल पहले से शादी-शुदा हैं। वहीं मधु पाल की सेवा पुस्तिका को देखने से यह साफ प्रतीत होता है कि मधु पाल अनुकम्पा के आधार पर नौकरी पाने से पहले से राम अवध पाल व उनके पूरे परिवार से परिचित थीं। मधु पाल की सेवा पुस्तिका के सभी पृष्ठो पर राम अवध पाल के अलीगंज स्थित भवन पता दर्शित है तथा राम अवध पाल को मधु पाल का संरक्षक दर्शाया गया है।

नौकरी से पूर्व मधु पाल के चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापित करने वाले तत्कालीन (16.4.1984) सहायक अभियंता निर्माण खण्ड ‘बाढ’,  (लो. नि. वि. लखनऊ ) सी एल वर्मा का कहना है कि मधु पाल राम अवध पाल व उनके परिवार से भली-भति परिचित थीं।

वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि मधु पाल राम अवध पाल के शादी शुदा होने के बारे में जानती थीं। मधु पाल ने राम अवध पाल के घर पर रह कर अपने हाईस्कूल की परीक्षा तक दी। मधु पाल ने रेलवे से झूठ बोला है कि वहयह नहींजानतीं थी कि राम अवध पाल पहले से शादी शुदा हैं।

इसके अलावा लोको वर्कशॉप चारबाग के सीडब्ल्यूएम विवेक खरे का कहना है कि उन्हे उक्त मामले की जानकारी नही थी यह गलत है। जबकि 5.7.2019 को  स्पीड के माध्यम से शम्भू देवी पाल के पुत्र ने उक्त मामले की जानकारी/शिकायत श्री खरे से की तथा उक्त तिथि से कुछ दिन पूर्व शम्भू देवी के बेटे ने व्यक्तिगत तौर सीडब्ल्यूएम से मिलकर मधु पाल की शिकायत की थी।