योगीजी ऐसे कागजी घोड़े दौड़ा रहे आपके अधिकारी, लोटा लेकर खोला भेद

अबुल कैश डब्‍बल

: शौचालय से तमाम लोग महरूम, ब्‍लॉक घोषित हो गया ओडीएफ : समाजसेवी अंजनी के नेतृत्‍व में ग्रामीणों का प्रदर्शन : चंदौली। योगीजी आपको अंधेरे में रखकर आपकी मशीनरी किस कदर कागजी घोड़े दौड़ा रही है, इसकी बानगी बुधवार को चंदौली जिले के धानापुर में देखने को मिली। सरकारी कागजों में ओडीएफ घोषित हो चुके धानापुर ब्‍लॉक मुख्‍यालय पर दर्जनों की संख्‍या में कई गांवों की महिलाएं हाथों में लोटा-बोतल लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इनका आरोप था कि इन्‍हें शौचालय मिला ही नहीं फिर पूरा ब्‍लॉक ओडीएफ कैसे हो गया?  

आक्रोशित ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी सुशील मिश्रा से पूछा कि हम शौच कहां करें, हमारा शौचालय कहां हैं? पता चला कि यह लोग विकास खंड के ओडीएफ घोषित होने से नाराज हैं, क्योंकि ज्यादातर गांव में अभी तक शौचालय नहीं बना है। ज्ञात हो कि एक सप्ताह पूर्व धानापुर विकास खंड को सरकारी तौर ओडीएफ घोषित कर दिया गया है।

इस खुशी में विकास भवन में केक भी काटा गया था। तभी से क्षेत्र के तमाम गांवों में इस सरकारी खेल का विरोध शुरू हो गया था। गलत आंकड़ों के आधार पर कागजी घोड़े दौड़ाए जाने से नाराज थे। समाजसेवी अंजनी सिंह के नेतृत्व में एकत्रित होकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और कहा कि शौचालय निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार और लूट हुआ है। इसमें ग्राम प्रधानों से लेकर विकास खंड के जिम्‍मेदार अधिकारी तक शामिल हैं।

प्रदर्शन करने वालों का आरोप था कि ओडीएफ की जमीनी सच्चाई कुछ और है। लगभग प्रत्येक गांव में कमजोर, निर्धन लोगों के पास सरकार की मंशा के अनुरूप शौचालय नहीं बन पाया है। पात्र लोग अभी भी वंचित हैं, जबकि अपात्र लोगों को शौचालय के नाम पर भुगतान कर दिया गया है। बावजूद इसकी जांच किए बगैर पूरे ब्लाक को ओडीएफ घोषित कर दिया गया, जिससे ये ग्रामीण अपने आप को छला महसूस कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान  ग्रामीणों ने ब्लाक का ओडीएफ निरस्त करो, हमारा शौचालय हमे दो, आदि नारे लगाए। अंत मे अंजनी सिंह ने जिलाधिकारी के नाम से एक पत्रक खंड विकास अधिकारी को दिया, जिसमें ओडीएफ ब्लाक को निरस्त करते हुए भौतिक सत्यापन कराने और शौचालय निर्माण में हुए घोटाले का सीबीआई जांच कराने का मांग पत्र सौंपा।

इस दौरान खड़ान, सिहावल, कांधारपुर, भदाहुँ, कवई पहाड़पुर, खरिहानिया सहित दर्जनों गांव के ग्रामीण शामिल रहे। इसमें नीरज कुमार पांडेय, विनोद पांडेय, चिंटू, शशि कुमार सिंह, विनीत खरवार, गुड्डू सिंह, मीरा देवी, संगीत, उर्मिला, सावित्री, आशा,  मीरा सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहीं।

दिव्यांग दंपति ने शौचालय के लिए लगाई गुहार :  ओडीएफ ब्लाक की सच्चाई परत-दर-परत खुलती जा रही है। सरकार की मंशा गरीब, मजबूर और बेसहारा लोगों के घर में शौचालय बनवाने और स्वच्छता लाने की थी, वह योजना सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं होने के कारण बेमानी साबित हो रही है। इसकी बानगी तब देखने को मिली जब बुधवार को कांधारपुर निवासी दिव्यांग दंपति फेकू शौचालय की गुहार लगाई।

फेकू ने बताया कि दोनों लोग गांव के बाहर खेतों में शौच के लिए जाते हैं। कई बार साहब लोगों से फरियाद किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। फेकू ने कहा कि खंड विकास अधिकारी को अपनी समस्या से अवगत करा दिया है। यह एक जीता जागता उदाहरण है कि सरकारी अधिकारी पिछले सत्‍तर सालों से किस कदर सरकार और आम जनता दोनों को मूर्ख बनाते आ रहे हैं।