उठाईगिरी का समाजवाद, कैसा उदाहरण पेश किया?

बंगला

राज बहादुर सिंह

: सपा अब बसपा के सामने झोली फैलाए खड़ी भीख मांग रही है : लखनऊ : राजनीतिक रूप से हल्कापन पहले ही कई बार साबित हो चुका था, लेकिन धरतीपुत्र के पुत्र ने जिस तरह सरकारी बंगला खाली किया और सरकारी धन से लगाई गयीं तमाम चीजें उठा ले गए, उससे यही साबित हुआ कि वह उठाईगिरी का समाजवाद गढ़ रहे हैं।

बेहद शर्मनाक रहा आचरण। क्या उदाहरण पेश किया? आम जनता के लिए नहीं,  जनता तो राजनेताओं के आचरण समझती ही है। खुद उनके बच्चे क्या सोचेंगे जब समझने लायक होंगे? उन्हें देख कर कहें भले ही न लेकिन सहपाठी और यार दोस्त सोचेंगे जरूर और सेफ मौका देखकर यही कहेंगे भी कि इनके पापा सरकारी बंग्ले से नल की टोंटी और गमले तक उठा ले गए थे।

कौन से ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने गए थे? पिता ने मुख्यमंत्री बनाया तो उनका कर्ज किस तरह उन्हें सम्मानित कर उतारा कि राजनीतिक फलक पर धरती पुत्र को कोई पूछ नहीं रहा है। मुलायम ने कांग्रेस को पछाड़ कर जिस पार्टी को अकेले भाजपा से लड़ने लायक खड़ा किया, वह पार्टी अब बसपा के सामने झोली फैलाए खड़ी भीख मांग रही है।

स्पीड भी देख लीजिए। पहले दो साल चाहिए थे बंगला खाली करने के लिए। फिर गियर बदला और स्पीड इतनी बढ़ा दी कि बंगला ही नहीं खाली किया, बंगले को तमाम उन चीजों से भी खाली कर दिया, जो जनता के पैसों से लगाई गयीं थीं। किसी खाली और खोखले समाजवादी से और उम्मीद भी क्या की जा सकती है?

उठाईगिरी के समाजवाद की न्यूड नुमाइश के लिए टीपू बधाई के पात्र है। काश उठाईगिरी के समाजवाद के पास कोई ऐसी तकनीक होती कि अपना महल ही उठा ले जाते किसी और जगह। ऐसा होता तो तमाम चीजों को उखाड़ने के लिए जो तोड़फोड़ की गई उससे बचा जा सकता था।

हास परिहास से ओतप्रोत होकर ही सही कुछ लोग रेड फ़िल्म का उदाहरण देते हुए बंगले की तोड़फोड़ को इस से जोड़ कर देखते हैं। इनका कहना है कि हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और होते हैं। लोग समझ कुछ और रहे हैं और तोड़फोड़ कर निकाला और ले जाया गया कुछ और है।

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासत, फिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.