कम रफ्तार से भी कर रहे गिरफ्तार

राज बहादुर सिंह

: दास्तान सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले तेज गेंदबाज की : ओल्ड इज गोल्ड एंड स्टिल वेरी मच सोल्ड। यूं तो यह बात बहुत से क्षेत्रों में बहुत सी शख्सियतों के बारे में कही जा सकती है लेकिन यहां मैं बात करूंगा एक तेज गेंदबाज की जो थकने का नाम नहीं ले रहा। उम्र 36 साल से ज्यादा हो गयी है लेकिन अभी भी अपोनेंट को धराशायी करने में अहम भूमिका निभा रहा है। अब तक तो आप समझ ही चुके होंगे कि बात इंग्लिश फ़ास्ट बॉलर जेम्स एंडरसन की हो रही है।

तकरीबन दो साल पहले एंडरसन खराब फॉर्म में थे और उम्र 34 के पार थी और तब मुझे लगने लगा था कि उनका रिटायरमेंट कभी भी हो सकता है। बहरहाल यूं यह कोई पब्लिक ऐलान नहीं था लेकिन अपने भीतर  मैं गलत साबित हुआ और एंडरसन एक बड़े बॉलर का स्टेटस तो पहले ही पा चुके थे लेकिन अब ताजा परिप्रेक्ष्य में वह महान गेंदबाजों के क्लब में शामिल हो चुके हैं।

अगर मैं अपने देखे गेंदबाजों की बात करूं या आल टाइम बड़े गेंदबाजों को खातिर में लाऊं तो जेम्स एंडरसन 150 से अधिक टेस्ट खेल कर तेज गेंदबाजों में सबसे अधिक टेस्ट खेलने वाले बॉलर बन चुके हैं। उनकी रफ्तार भले ही पहले जैसी न हो लेकिन बल्लेबाजों को गिरफ्तार करने में वह बढ़ती उम्र के साथ गोया और माहिर होते जा रहे हैं। भारत के खिलाफ लॉर्ड्स के दूसरे टेस्ट में नौ विकेट लेना इसकी बानगी है।

एंडरसन प्रति टेस्ट लगभग चार विकेट की दर से विकेट लेते हैं और यह रेट टेस्ट मैच के लिए बेहतरीन माना जाता है। आप चौंक सकते हैं ये जानकर कि इयान बॉथम, कपिल देव, कोर्टनी वाल्श और वसीम अकरम जैसे गेंदबाजों की प्रति टेस्ट विकेट की दर चार से कम है। आधुनिक क्रिकेट में रिचर्ड हैडली और डेनिस लिली ही दो ऐसे फ़ास्ट बॉलर हैं जिनके कैरियर की प्रति टेस्ट विकेट लेने की दर पांच से अधिक है। हालांकि डेल स्टेन ने लंबे समय तक पांच विकेट की दर बनाए रखी लेकिन चोट के चलते वह अब इससे पीछे हैं।

वसीम अकरम ने 36, वाल्श ने 39, मैकग्रा, बॉथम और एम्ब्रोज ने 37, हैडली ने 39 और इमरान ने 40 साल में आखिरी टेस्ट खेला लेकिन इनमें हैडली और मैकग्रा ही रिटायर होते समय भी अपने दमखम में थे। इमरान ने तो कई साल से बोलिंग लगभग बंद कर रखी थी। वकार यूनुस, ब्रेट ली तो 32 साल में ही हट गए तो माइकल होल्डिंग और मार्शल 33 साल की उम्र में रिटायर हो गए। शाऊन पोलक और एलेन डोनाल्ड भी क्रमशः 35 और 36 साल में अलविदा कह गए।

नाम लेने की जरूरत नहीं लेकिन कुछ खिलाड़ी तो किसी खास रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए  खेलते रहे -खिलाए जाते रहे जबकि उनका प्राइम टाइम बीत चुका था लेकिन एंडरसन का परफॉरमेंस साफ बताता है कि उनके साथ ऐसा नहीं है। उम्र के सैंतीसवें साल में भी एंडरसन के लिए बेशक यह कहा जा सकता है-ही इज स्टिल गोइंग ग्रेट गन्स। सैल्यूट। और उम्मीद कि उनके जलवे आइंदा भी दिखते रहेंगे और जल्दी ही वह मैकग्रा को पीछे कर तेज गेंदबाजों में वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर बन जाएंगे।

rbsराज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.