कानपुर की हवा दिल्ली से भी ज्यादा खराब, हवा सांस लेने लायक भी नहीं

कानपुर की हवा अब दिल्ली से भी ज्यादा खराब हो गई है। सोमवार सुबह 9 बजे तक कानपुर में पॉल्यूशन का स्तर देश में अपने चरम पर था। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों पर गौर करें तो कानपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 483 तक पहुंच गया है। जबकि दिल्ली में पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा 411 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो सांस लेने लायक भी नहीं है।
प्रमुख शहरों की हवा भी जहरीली

देश में पॉल्यूशन के मामले में कानपुर और लखनऊ टॉप-5 शहरों में रहते हैं। कानपुर, आगरा, लखनऊ और मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब दर्ज किया गया है। चारों शहरों में पीएम 2.5 एक्यूआई 400 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ऊपर रिकॉर्ड की गई है, जो सांस लेने के लिए भी बेहद खतरनाक है।
लोगों को हो रही परेशानी

यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आरओ डा. अनिल माथुर ने बताया कि हवा का स्तर बेहद खराब होने से लोगों को खांसी और खरास की शिकायत हो सकती है। वहीं बात करते हुए भी लोगों को खांसी आना शुरू हो जाती है। इससे लोगों को बचाव करना बेहद जरूरी है।
सुबह टहलना न जाएं

डा. प्रवीण कटियार के मुताबिक सर्दियों में पॉल्यूशन के स्तर को देखते हुए लोगों को सुबह टहलने से परहेज करना चाहिए। अगर जाना है तो मास्क जरूर पहनकर जाएं। अस्थमा पेशेंट को सुबह के वक्त बिल्कुल भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। क्योंकि सुबह के वक्त पॉल्यूशन का स्तर सबसे ज्यादा होता है।
नहीं शुरू हुए इंतजाम

ठंड के साथ ही पॉल्यूशन बढ़ना शुरू हो गया है, लेकिन इंतजाम अब भी धरे के धरे ही हैं। बीते साल CPCB ने 5-5 करोड़ रुपए एंटी पॉल्यूशन मशीनों को खरीदने के लिए दिए थे। लेकिन इन मशीनरी ने अभी तक पॉल्यूशन कंट्रोल करने के लिए काम शुरू नहीं किया है। वहीं, शहरों में डस्ट पॉल्यूशन भी तेजी से बढ़ा है।