पूर्व सांसद के नेतृत्‍व में निकला किसान न्‍याय मार्च, सपा ने बोला सरकार पर हमला

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  • किसान और गरीब विरोधी है बिल : रामकिशुन
  • मुगलसराय से पैदल चलकर मुख्‍यालय पहुंचे सपाई
  • बिल वापस लेने के लिये जिलाधिकारी को सौंपा पत्रक  

चंदौली :  पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के नेतृत्‍व में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को केंद्र सरकार के किसान विरोधी विधेयक, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी के विरोध में किसान न्‍याय मार्च निकाला। मार्च मुगलसराय के चकिया तिराहे पर स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं विधायक गंजी प्रसाद यादव को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद शुरू हुआ, जो चंदौली मुख्‍यालय पहुंचकर सभा में तब्‍दील हो गया।

रामकिशुन यादव ने विधेयक को पूरी तरह किसान विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि यह कानून बनाकर मोदी सरकार कारपोरेट घरानों को मजबूत करने जा रही है। पहले से परेशान किसानों की कमर तोड़ने की साजिश रची जा रही है। केंद्र सरकार के इस फैसले से मंडी समितियां खत्‍म हो जायेंगी और किसान पूरी तरह कॉरपोरेट घरानों पर निर्भर हो जायेगा।

उन्‍होंने कहा कि यह बिल पूरी तरह किसानों और आमजनता के खिलाफ है। बिल में भंडारण करने पर लगी रोक भी हटा दी गई है। केवल आपदा एवं युद्ध के हालात में ही भंडारण करने पर रोक होगी, उसके अलावा सामान्‍य दिनों में कॉरपोरेट और बड़े पूंजीपति खाद्यान्‍न का भंडारण कर सकेंगे और कोई सरकारी कर्मचारी इनके खिलाफ कोई एक्‍शन नहीं ले सकेगा।

पूर्व सांसद ने कहा कि केंद्र के इस किसान एवं आमजन विरोधी फैसले से भंडारण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे खाद्यान्‍न की कृत्रिम कमी पैदा कर वस्‍तुएं महंगे दामों पर बेची जायेंगी। सपा इस किसान विरोधी विधेयक का हर स्‍तर पर विरोध करेगी। मोदी सरकार के इस फैसले से बेरोजगारों की बड़ी फौज तो खड़ी होगी ही किसान भी मजदूर बन जायेगा।

योगी सरकार पर हमला बोलते हुए राम किशुन ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश सरकार का क्राइम पर कोई कंट्रोल नहीं रह गया है। यह सरकार कानून व्‍यवस्‍था को संभालने में पूरी तरह फेल है। आये दिन राज्‍य में बलात्‍कार एवं हत्‍या की घटनाएं हो रही हैं। स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं पूरी तरह से ध्‍वस्‍त हो चुकी हैं और सरकार अच्‍छे दिन का ढिंढोरा पीट रही है।

जुलूस में जनपद के सकलडीहा, चकिया, सैयदराजा, नौगढ़, पड़ाव, मुगलसराय, चहनियां, टांडा, धानापुर आदि क्षेत्रों से आये किसान एवं सपा कार्यकर्ता शामिल हुए। सरकार विरोधी नारों के बीच रामकिशुन के नेतृत्‍व में जिलाधिकारी को बिल वापस लेने से संदर्भित पत्रक सौंपा गया। किसी भी तरह की अनहोनी ना हो इसके लिये प्रशासन एवं पुलिस के लोग पूरी तरह मुस्‍तैद रहे। एएसपी प्रेमचंद, सीओ सदर कुंवर प्रभात सिंह, एसडीएम सीपू गिरी, तहसीलदार आनंद कनौजिया, नायब तहसीलदार ध्रुवेश सिंह, थानाध्‍यक्ष अलीनगर संतोष सिंह सक्रिय रहे।

किसान न्‍याय मार्च में पूर्व ब्‍लॉक प्रमुख बाबूलाल यादव, सयुस के राष्ट्रीय सचिव डीएन यादव, पूर्व विधायक बब्बन सिंह चौहान, मुलायम सिंह यादव, संतोष यादव, योगेश यादव चकरु,  कमलेश यादव, नफीस अहमद गुड्डू, औसाफ़ अहमद, चन्द्रजीत यादव बबलू, डॉ. विनोद बिंद, चन्द्रभानु यादव समेत भारी संख्‍या में सपा कार्यकर्ता एवं किसान मौजूद रहे।