चंदौली में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्‍न, किसानों पर आफत

अबुल कैस डब्‍बल

: जिला प्रशासन बेखबर : अब तक राहत पहुंचाने की तैयारी नहीं : धानापुर (चंदौली)। गंगा में बढ़ रहा पानी बाढ़ की स्थिति पैदा कर दिया है। जलस्‍तर में हो रही वृद्धि से बुधवार को सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गया है। इससे किसानों को लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है। पहले ही कटान से परेशान तटवर्ती गांवों के किसान बाढ़ की दोहरी मार से दुखी हैं। गंगा में बढ़ रहे पानी से हालत और खराब होने की स्थिति बन रही है।

अब तक के बढ़े जलस्तर से प्रसाहटा निवासी श्यामसुन्दर, कुतुबुद्दीन, सिधारी, हरबंश पांडेय, प्रमोद यादव, हसमत अली बुद्धपुर निवासी विनोद सिंह, लक्ष्मी राम, शम्भू राम, अपरबल उपाध्याय, अंगद यादव, मिट्ठू, विपिन सिंह, श्यामजी सिंह सहित ऐसे दर्जनों किसान हैं, जिनकी सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्‍न होकर नष्‍ट हो गई है।

किसानों ने अपने खेतों में अरहर, मूंग, चरी, बाजरा, धान समेत कई अन्य फसल बोए थे। उपरोक्‍त किसानों के अलावा भी कई गांवों के किसानों की फसल जलमग्न होकर नष्ट हो गई है। बाढ़ में थोड़ा भी इजाफा हुआ तो कई और गांव इसकी चपेट में आएंगे। पानी सीवान तक घुस जाएगा, जिससे और अधिक एकड़ में फसलों को नुकसान पहुंचेगा।

तटवर्ती गांव नारौली बड़ौरा में दहशत :   गंगा के जलस्तर में आये बढ़ाव से तटवर्ती गांव नरौली और बड़ौरा के लोगों में दहशत बढ़ गयी है। यह दोनों गांव गंगा के आगोश में हैं और बाढ़ का पानी बिल्कुल इनके घरों के पास से बह रहा है। कटती मिट्टी इन्‍हें कभी निगल सकती है। दहशत में आए ग्रामीण अब गंगा मैया को मनाने में लग गए हैं। लोग सुबह शाम पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

नरौली में गंगा किनारे नवनिर्मित शिव गंगा मंदिर का बाढ़ के जद  में आ गया है। मंदिर के चबूतरे का कुछ हिस्सा बाढ़ में बह गया है। अब मंदिर तक पानी पहुंच गया है, पूजा अर्चना करने वाले अब मंदिर में नहीं जा पा रहे हैं। आस्थावानों का कहना है कि अगर ऐसे ही पानी बढ़ता रहा तो मन्दिर पर संकट आ सकता है।

ग्रामीण बहादुर, मिश्री निषाद, गोपाल, राजकुमार, महेश सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि अगर हमें सरकार यहां से अन्यत्र बसाने कोई व्यवस्था नहीं करती है तो वह दिन दूर नहीं जब हम बेघर हो जाएंगे। बाढ़ के बढ़ते खतरे के बावजूद जिला प्रशासन अब तक पीडि़तों के लिए कोई उपाय करता नजर नहीं आ रहा है।