कोई आए हम किसी से कम नहीं…

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राज बहादुर सिंह

: टेनिस की अद्भुत,अप्रतिम त्रिमूर्ति पर : रोजर फेडरर रोजर फेडरर हैं, राफे नडाल राफे नडाल हैं तो फिर मानना होगा नोवाक जोकोविच भी नोवाक जोकोविच हैं। तूफान की तरह खेल रहे केविन एंडरसन को बच्चों की तरह हरा कर अपना चौथा विम्बल्डन जीत कर जोकोविच ने यह साबित कर दिया है।

जोकोविच ने 2016 के बाद से कोई ग्रांड स्लैम नहीं जीता था। चोट से भी वह परेशान थे और समीक्षकों के एक खेमे ने उनके कैरियर को समाप्त हुआ मानना शुरू कर दिया था। बहरहाल आज विम्बल्डन में जीत के साथ अपना तेरहवां ग्रांड स्लैम जीत कर जोकोविच ने अपने कैरियर को लेकर जाहिर की जा रही आशंकाओं को खारिज कर दिया।

कुछ रोचक तथ्य देखते हैं टेनिस की इस त्रिमूर्ति के। नडाल ने 17 ग्रांड स्लैम जीते हैं, जिनमें 11 फ्रेंच ओपेन शामिल हैं, जबकि बीस ग्रांड स्लैम जीतने वाले फेडरर और जोकोविच ने केवल एक-एक बार फ्रेंच ओपेन जीता है। फेडरर ने आठ बार विम्बल्डन जीता तो नडाल ने सिर्फ दो बार।

खास बात यह भी है कि ढलती उम्र के बावजूद त्रिमूर्ति थकने को तैयार नहीं है। फेडरर ने 2017 में विम्बल्डन और 2017 व 2018 में आस्ट्रेलियन ओपेन जीता तो नडाल ने 2017 में अमेरिकन ओपेन और 2018 में फ्रेंच ओपेन जीता। और अब जोकोविच ने 2018 में विम्बल्डन जीत कर खुद को भी दौड़ में बनाए रखा है। कहने का मतलब यह है कि कोई आए हम किसी से कम नहीं…..।rbs

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.