इस पुलिस अधिकारी ने कोरोना के खिलाफ उठा ली कलम

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मदन चौरसिया

: जन सामान्‍य को जागरूक करने की कोशिश : चन्दौली। आईपीसी की धाराओं में उलझी नौकरी के बीच कोई गीत-गजल की धारा बहाने लगे तो उसके संवेदनशील होने की गुंजाइश बनी रहती है। और संवेदनशील व्‍यक्ति पुलिस की नौकरी में हो तो जनता को न्‍याय मिलने की उम्‍मीद बनी रहती है। पुलिस की नौकरी में संवेदना को जिंदा रखना ऐतिहासिक घटना मानी जाती है, लेकिन उत्‍तर प्रदेश पुलिस के तमाम जवानों ने अपने संवेदना से प्रदेशवासियों का दिल जीतने में सफलता पाई है। ऐसे ही एक पुलिस अधिकारी चंदौली में हैं, जो अपने गजल के माध्‍यम से जन सामान्‍य में जागरूकता पैदा कर रहे हैं।

दरअसल, कोरोना काल के इस विषम दौर में जनजीवन बदल गया है। पूरी दुनिया बदल गई है। समय ठहर सा गया है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। सीमित संसाधनों के बीच देश कोरोना की महामारी से लड़ रहा है। ज्‍यादातर लोग अपनी क्षमता अनुसार गरीबों की मदद करने के साथ राहत कोष में सहायता भी दे रहे हैं। पूरे प्रदेश में शासन-प्रशासन एवं पुलिस अपनी क्षमता से बढ़कर काम कर रही है। चंदौली जनपद में भी तमाम तरीके से लोग एक दूसरे को मदद करने के साथ जागरूक भी कर रहे हैं। इन्‍हीं में से एक पुलिस अधिकारी ऐसे भी हैं, जो कानून-व्‍यवस्‍था की जिम्‍मेदारी देखकर गजल के माध्‍यम से भी जनता को जागरूक कर रहे हैं।

चंदौली के अपर पुलिस अधीक्षक प्रेमचंद भी एक ऐसे कोरोना वारियर हैं, जो व्‍यवस्‍था को संभालने के साथ गजल के साथ भी कोरोना से जंग लड़ने का प्रयास कर रहे हैं। शस्त्र की ट्रेनिंग लेकर जिले की कमान संभालने वाले पुलिस अधिकारी ने कलम की धार से वर्तमान वातावरण में फैली वायरस की महामारी में लोगों को जागरुक करने की मंशा को गजल के रुप में पन्ने पर उकेर दिया और रच दिया ‘कोरोना जंग हारेगा‘?

एडिशनल एसपी से जब पूछा गया कि गिरफ्तारी, बरामदगी, लाठीचार्ज करने की ड्यूटी के बीच गजल के माध्यम से आम जन को जागरुक करने की सोच आखिर आपके दिमाग में कैसे आयी? तो उन्‍होंने कहा कि चन्दौली जनपद के परिवेश ने मुझे कलम उठाने के लिए मजबूर कर दिया और एक गजल की रचना कोरोना पर मैंने कर डाली। जब पूछा गया कि इससे पहले आपने कोई कविता लिखी है तो उन्‍होंने बताया कि यह बात सच है कि प्रशासनिक व्यवस्था देखना और करना हमारी ड्यूटी है, लेकिन जब निजी समय में एकान्त में रहता हूं तो कविताओं की रचना करता रहता हूं।

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