शिकस्त का कुबूलनामा है लंबी लड़ाई का बयान

राज बहादुर सिंह

: खस्ता हालत ही बयां की कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने : लखनऊ : कांग्रेस इस समय एक लंबी लड़ाई लड़ रही है। राहुल गांधी का यह कथन महत्वपूर्ण भी है और यह एक तरह का कुबूलनामा भी है। कहने की जरूरत नहीं कि लम्बी लड़ाई की बात तभी की जाती है जब निकट भविष्य में लड़ाई जीतने की संभावना न हो। साफ है कि राहुल गांधी के मन का यह डर बाहर आ गया है कि कांग्रेस 2019 में जीत नहीं पाएगी इसलिए उन्होंने कांग्रेस की लंबी लड़ाई की बात कही है।

राहुल की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की पहली बैठक ने पार्टी की जर्जर हो चुकी जमीनी और जेहनी हालत बयां कर दी है। पानी पी-पी कर आरएसएस को कोसने वाले राहुल गांधी कांग्रेसियों से कह रहे हैं कि संघ के वर्कर्स से सीखो। अरे पहले आप तो सीखिए। केवल धर्म विशेष के वोट बैंक को खुश करने के लिए संघ को गालियां देने की न तो जरूरत है और न ही औचित्य। जिस संगठन का चुनावी राजनीति से संबंध न हो उसे सबसे पुरानी और लाइलाज बीमारियों से घिरी पार्टी के थोपे हुए अध्यक्ष द्वारा लगातार गालियां देना बेमानी और अशोभनीय है।

कांग्रेस ने इस बात को भी स्वीकार कर लिया है कि अब उसकी हैसियत देश भर में अकेले चुनाव लड़ने की नहीं रह गयी है। लोकसभा की 545 सीटों में से वह शायद 300 पर भी नहीं लड़ पाएगी। कांग्रेस मुक्त भारत की दिशा में यह महत्वपूर्ण मुकाम होगा, जब कांग्रेस तकरीबन आधी लोक सभा सीटों पर लड़ ही नहीं पाएगी। दशकों तक देश और तमाम राज्यों में हुकूमत करने वाली राष्ट्रीय पार्टी अब क्षेत्रीय दलों के रहमोकरम पर सांसे गिनते रहने पर राजी हो गयी है।

और अब बात ऊंट की चोरी निहुरे-निहुरे करने की हास्यास्पद कोशिश की। जबरन पीएम मोदी के गले पड़ने वाले राहुल को देश की जनता के गले डालने का हौसला नहीं कर पा रही है कांग्रेस। यही कारण है कि वह पीएम के रूप में उन्हें प्रोजेक्ट करने के बजाय बैक डोर से उन्हें गद्दी सौंपने का मंसूबा पाल रही है। बहरहाल सच यही है कि पीएम के रूप में मोदी स्थापित हैं और उनके सामने कांग्रेस सहित भ्रमित, व्याकुल और भयभीत विपक्ष है। यानी एक ओर परफॉरमेंस है और दूसरी ओर सिफर।rbs

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.