क्‍या विपक्ष मानता है कि यह बातें सच हैं जो सीएम योगी ने कहीं

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  • उद्यमियों को किया निवेश को प्रोत्‍साहित

लखनऊ : योगी ने उद्योमियों को यूपी में निवेश करने के लिये प्रोत्‍साहित किया। साथ ही पिछल तीन सालों में यूपी सरकार द्वारा किये गये बदलाव और सुविधाओं की विस्‍तार से जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि यूपी निवेश का बेहतर डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। यहां निवेश करना फायदे का सौदा साबित होगा।

उन्‍होंने ने निम्‍न बातें कहीं। कहा कि  प्रचुर संसाधनों के साथ उत्तर प्रदेश देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में राज्य लगभग 8 प्रतिशत का योगदान करता है। लगभग 24 करोड़ की जनसंख्या के साथ यहां भारत का सबसे बड़ा उपभोक्ता आधार है।

हमारी सरकार की उल्लेखनीय उपलब्धि के केन्द्र में राज्य का निवेश मित्र पोर्टल है, जो भारत के सबसे विशाल एवं व्यापक डिजिटल सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्लेटफॉर्म्स में से एक है।

वर्ष 2018 में सम्पन्न उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त हुए 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश-प्रस्तावों में से लगभग 02 लाख करोड़ रुपये के मूल्य के लगभग एमओयू कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है, यह भारत में अब तक की एक रिकॉर्ड उपलब्धि है ।

हमारी सरकार ने कोविड -19 महामारी की आपदा से निपटने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए रोजगार सृजन के लिए नए निवेश आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

निवेशकों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों में समर्पित नोडल अधिकारियों को नियुक्त करते हुए, सुदृढ़ मॉनीटरिंग के लिए तकनीक आधारित एमओयू ट्रैकिंग पोर्टल स्थापित किया गया है।

राज्य के 20 विभागों में भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आन्तरिक व्यापार विभाग के बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के 187 सुधारों में से 186 सुधारों को लागू किया गया। इसमें व्यापार से सम्बंधित 12 विनियामक क्षेत्र सम्मिलित थे- जैसे सुलभ सूचना, सिंगल विंडों सिस्टम, श्रम कानूनों में सुधार सहित पर्यावरण से जुड़ी स्वीकृतियों की प्रक्रिया में सुधार आदि शामिल हैं।

कामगारों और श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा तथा उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्यों से ‘उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग’ का गठन किया गया है। यह देश में अपनी तरह का प्रथम आयोग है।

श्रमिकों की स्किल मैपिंग और ग्रेडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि उद्योग जगत को उसकी आवश्यकताओं के अनुरूप श्रमिक उपलब्ध हो सकें।

राज्य सरकार ने हाल ही में बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल तथा मध्यांचल में त्वरित निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति -2020 की घोषणा की है।

एमएसएमई की स्थापना में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए एमएसएमई एक्ट-2020 लागू किया गया है। इसके अन्तर्गत एमएसएमई उद्योग स्थापना हेतु उद्यमी के प्रपत्र दाखिल करने के 72 घंटे के अन्दर मंजूरी–पत्र जारी किया जाएगा।